रूस के हमलों से दहला यूक्रेन, खार्किव में ड्रोन स्ट्राइक से एक की मौत, नौ घायल

 नई द‍िल्‍ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा क‍िया क‍ि रूस ने फिर शन‍िवार रात बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों में एक बार र‍िहायशी इमारतों को न‍िशाना बनाया गया है। हमलों में कई लोग घायल हुए हैं। जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन लगातार अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर हवाई रक्षा को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, ताकि ऐसे हमलों से लोगों की जान बचाई जा सके। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर ल‍िखा, ”खार्किव में रिहायशी इमारतों पर हुए ड्रोन हमले के बाद मौके पर सभी जरूरी आपातकालीन सेवाएं तैनात कर दी गई हैं। दुख की बात है कि इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत नौ लोग घायल हुए हैं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवारों और अपने प्रियजनों के साथ हैं।” जेलेंस्की ने बताया क‍ि क्रिवी रीह में एक आम बिल्डिंग सप्लाई हाइपरमार्केट में लगी आग को बुझाने का काम राज्य आपातकालीन सेवा की टीमें लगातार कर रही हैं। जेलेंस्की ने पोस्‍ट में कहा, ”कुल मिलाकर, शन‍िवार रात रूस ने यूक्रेन पर आठ मिसाइलें और अलग-अलग तरह के 136 ड्रोन दागे। इनमें से कई को मार गिराया गया, लेकिन अफसोस कि सभी को नहीं रोका जा सका।” जेलेंस्की ने कहा क‍ि खेरसॉन, डोनेट्स्क, नीपर, खार्किव, सूमी, ओडेसा, मायकोलाइव, जापोरिज्जिया और चेर्निहाइव क्षेत्रों के साथ-साथ कीव भी हमलों का निशाना बना। राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें तीन लोग घायल हुए। यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि ने बताया क‍ि पूरे हफ्ते में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ लगभग 1,700 ड्रोन, 1,630 से जयादा गाइडेड एरियल बम और अलग-अलग तरह की 95 मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इनमें आधे से ज्‍यादा बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। उन्‍होंने बताया क‍ि हर दिन हम अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि हमारे सैनिकों के पास इन हमलों का मुकाबला करने के लिए ज़रूरी साधन मौजूद हों। हमें बैलिस्टिक हमलों के जरिए रूस जो बढ़त हासिल करना चाहता है, उसे रोकना होगा। जेलेंस्की ने बताया क‍ि इसी वजह से यह बहुत जरूरी है कि एंटी-बैलिस्टिक रक्षा सिस्टम के पैकेज समय पर पहुंचे। इस समय हर इंटरसेप्टर मिसाइल सचमुच लोगों की जान बचाने में मदद कर रही है, अगर वह यूक्रेन के रक्षा सिस्टम में मौजूद है, न कि हमारे साझेदारों के गोदामों में पड़ी है। उन्‍होंने कहा जो भी लोग इस तरह हमारी मदद कर रहे हैं, उन सभी का धन्यवाद।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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