राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने पर विपक्षी सांसदों ने सरकार पर लगाया आरोप

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रयागराज में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने, किसानों की समस्याओं और छात्र आंदोलनों को लेकर विपक्ष के सांसदों ने सरकार की आलोचना की। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने पर कहा कि इसके पीछे सरकार की भूमिका प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को रोकने के लिए इस तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद अशोक सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश के छात्रों, किसानों और आम लोगों की आवाज उठा रहे हैं लेकिन उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतंत्र तानाशाही वाले तरीकों से नहीं चल सकता और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष लगातार यह मांग कर रहा है कि बच्चों के साथ हुई कथित मारपीट और घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर जवाब दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है और इसी वजह से संबंधित मंत्री सदन में नहीं आ रहे हैं। सरकार राहुल गांधी से राजनीतिक रूप से भयभीत दिखाई देती है। किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने सरकार की कृषि और ऊर्जा नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसानों को 24 घंटे बिजली की जरूरत है जबकि कई स्थानों पर उन्हें केवल आठ घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। धान जैसी फसलों की सिंचाई के लिए यह पर्याप्त नहीं है। सरकार की सोलर पंप योजना प्रभावी नहीं है, क्योंकि कई सोलर पंप 350 से 1000 फीट की गहराई से पानी निकालने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने सरकार से किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सोलर नीति में बदलाव करने की मांग की। इस बीच पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की कथित घटनाओं पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने इसे गलत बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे का हिस्सा है और इसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सांसद महुआ माजी ने संसद में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री सदन में आकर अपना पक्ष रखें और इसमें कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जिम्मेदार मंत्रियों का सदन में उपस्थित रहना आवश्यक है। रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर महुआ माजी ने कहा कि झारखंड की स्थिति दिल्ली से अलग है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक की घटना सामने आने के दिन ही संबंधित अध्यक्ष का इस्तीफा लिया गया, सीआईडी जांच शुरू की गई और लगातार छापेमारी व कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार राज्य सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने छात्रों से संवाद के लिए प्रतिनिधि भी भेजा है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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