एबीवीपी ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में मुख्यमंत्री आवास का किया घेराव

रांची। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अपने कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की शनिवार को कड़ी निंदा की। संगठन का आरोप है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से मुख्यमंत्री आवास तक निकाले गए छात्र मार्च के दौरान पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए कई कार्यकर्ताओं और छात्रों को गिरफ्तार किया। एबीवीपी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी, महानगर मंत्री तुषार दुबे, हर्ष यादव, पिंटू मुंडा, पुनीत और उज्ज्वल कुमार सहित कई विद्यार्थी शामिल हैं। संगठन ने कहा कि छात्र मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना था। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार और प्रशासन शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। संगठन ने इसे सरकार का “विद्यार्थी विरोधी रवैया” करार दिया। एबीवीपी ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं से संबंधित खबरें सामने आने के बाद संगठन ने विद्यार्थियों के हित में सबसे पहले राज्यपाल को विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और शहरों में हस्ताक्षर अभियान चलाए गए तथा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। संगठन के मुताबिक, शनिवार का छात्र मार्च भी इसी आंदोलन का हिस्सा था। इसका उद्देश्य आंदोलनरत विद्यार्थियों को समर्थन देना और उनकी न्यायोचित मांगों को सरकार तक पहुंचाना था। एबीवीपी ने दावा किया कि मार्च शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया गया था।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Video Post

Quick Link