नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बड़े स्तर पर हेरोइन और एमडीएमए की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोह का क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-1 ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो नाइजीरियाई नागरिक, एक घाना का नागरिक और दो भारतीय शामिल हैं। आरोपित दिल्ली-एनसीआर में मादक पदार्थों की थोक और खुदरा सप्लाई से जुड़े थे। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से कुल 2.554 किलोग्राम हेरोइन और 881 ग्राम एमडीएमए बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद मादक पदार्थों की कीमत करीब 12 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 11 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नाइजीरियाई नागरिक मोरिस ओकाली (52), घाना के अकरा निवासी इमैनुएल (38), नाइजीरियाई नागरिक इबेग्बु चिगोजी सैमुअल (50), नंद नगरी निवासी समीर उर्फ नन्हे (28) और गाजियाबाद के शालीमार गार्डन निवासी लेडी (36) के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने शनिवार को बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय ड्रग तस्करों की जानकारी जुटाई जा रही थी। पुलिस टीम को सूचना मिली कि नाइजीरियाई नागरिक मोरिस ओकाली दिल्ली में हेरोइन और एमडीएमए की थोक व खुदरा सप्लाई करता है। वह 19 और 20 जुलाई की दरम्यानी रात शाहदरा स्थित एक अस्पताल के पास मादक पदार्थों की खेप देने आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने अस्पताल के पास घेराबंदी की। निगरानी के बाद काले रंग का कंधे वाला बैग लेकर पहुंचे मोरिस को दबोच लिया गया। बैग की तलाशी में चार पॉलिथीन पैकेट मिले। इनमें 2.004 किलोग्राम हेरोइन और 863 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। मोरिस को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर चंदर विहार, निलोठी इलाके से घाना निवासी इमैनुएल और नाइजीरियाई नागरिक इबेग्बु चिगोजी सैमुअल को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, इबेग्बु के कब्जे से 254 ग्राम उच्च गुणवत्ता की हेरोइन और इमैनुएल के पास से 14 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। दोनों को 23 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने गिरोह से जुड़े दो भारतीय सदस्यों की पहचान की। नंद नगरी निवासी समीर उर्फ नन्हे को 31 जुलाई को शालीमार गार्डन, गाजियाबाद से पकड़ा गया। उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद लेडी को पश्चिम विहार से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि समीर और लेडी दोनों दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय संगठित ड्रग सिंडिकेट के सदस्य थे। दोनों पर हेरोइन और एमडीएमए की खरीद, भंडारण, परिवहन और सप्लाई में शामिल होने का आरोप है। जांच के मुताबिक, विदेशी नागरिकों का नेटवर्क दिल्ली में मादक पदार्थों की खरीद और भंडारण के बाद उन्हें स्थानीय सप्लायरों और पेडलरों तक पहुंचाता था। समीर कथित तौर पर गिरोह की आखिरी कड़ी के रूप में काम करता था। वह लेडी और विदेशी आरोपितों की ओर से हेरोइन और एमडीएमए स्थानीय पेडलरों और ग्राहकों तक पहुंचाता था। वहीं, लेडी की भूमिका मादक पदार्थों की खरीद, परिवहन और सप्लाई में सामने आई है। पुलिस के अनुसार वह विदेशी आरोपितों की करीबी सहयोगी थी। मोरिस ओकाली वर्ष 2020 में भारत आया था और फिलहाल निलोठी एक्सटेंशन के चंदर विहार में रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि उसका भारतीय वीजा समाप्त हो चुका है और वह भारत में ओवरस्टे कर रहा था। उसके खिलाफ निहाल विहार थाने में वर्ष 2024 में विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत एफआईआर भी दर्ज है। नाइजीरियाई नागरिक चिगोजी सैमुअल पिछले करीब 14 वर्षों से भारत में रह रहा है। जांच के दौरान उसके चंदर विहार क्षेत्र में सक्रिय नाइजीरियाई ड्रग नेटवर्क से संबंध सामने आए। पुलिस के मुताबिक वह बाहरी सप्लायरों से नशे की खेप हासिल कर दिल्ली-एनसीआर में स्थानीय सहयोगियों और पेडलरों के माध्यम से इसकी सप्लाई करता था।











