ढाका। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को पूरा विश्वास है कि पीएम तारिक रहमान और भारत के प्रधानमंत्री मिलकर दोनों देशों के विभिन्न मसलों का हल सुगमता से निकाल लेंगे। त्रिवेदी ने इसकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा दोनों ही पीएम जनता के प्रिय हैं। उम्मीद जताई कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। ढाका में पत्रकारों से बातचीत में भारत के उच्चायुक्त ने ये बातें कही। उन्होंने कहा, “मैंने पीएम तारिख रहमान को कई बार भाषण देते सुना है। हमारे प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही वो भी जनता के पीएम है। जब दो नेता मिलते हैं तो बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है। इसको लेकर नकारात्मकता नहीं, सकारात्मकता का होना जरूरी है।” दैनिक द ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, त्रिवेदी ने ये बातें रविवार को इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर (आईवीएसी) के चिल्ड्रेन प्लेइंग एरिया के उद्घाटन समारोह के दौरान कही। उनक यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और बांग्लादेश दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत-बांग्लादेश के बीच लंबित मुद्दों, खासकर तीस्ता जल बंटवारा और गंगा जल संधि के नवीनीकरण चर्चा में हैं। भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। उन्हें यह निमंत्रण ‘बिम्सटेक’ (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में दिया गया है। ‘बिम्सटेक’ बंगाल की खाड़ी के आसपास और उससे जुड़े क्षेत्रों के सात सदस्य देशों का एक समूह है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, यह दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके पांच सदस्य दक्षिण एशिया के बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका से हैं। वहीं, दो सदस्य दक्षिण-पूर्व एशिया के म्यांमार और थाईलैंड से हैं। नई दिल्ली में आयोजित विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद ही तारिक रहमान को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया था। जायसवाल ने कहा, “बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को फरवरी 2026 में पद संभालने के बाद भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया था। जहां तक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सवाल है, भारत ने उन्हें बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए अलग से आमंत्रित किया है। यह सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह निमंत्रण ब्रिक्स की आउटरीच बैठकों की सामान्य परंपरा के तहत दिया गया है। इसी तरह अन्य क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है।”











