जूनियर पुरुष चयन समिति के 5 पदों के लिए बीसीसीआई ने मांगे आवेदन

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को अपनी जूनियर पुरुष चयन समिति में पांच पदों के लिए आवेदन मांगे हैं, जिसका मकसद उस पैनल का पुनर्गठन करना है जो आयु-वर्ग के खिलाड़ियों के विकास के रास्ते को आकार देने और ‘बेंच स्ट्रेंथ’ मजबूत करने के लिए जिम्मेदार है। बोर्ड के बयान के अनुसार, आवेदन की प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। नया पैनल मौजूदा समिति की जगह लेगा, जिसके प्रमुख पूर्व तमिलनाडु क्रिकेटर एस. शरथ हैं, जिसमें राणादेब बोस (ईस्ट जोन), हरविंदर सिंह सोधी (नॉर्थ जोन), पथिक पटेल (वेस्ट जोन) और कृष्ण मोहन (सेंट्रल जोन) भी शामिल हैं। जूनियर क्रिकेट समिति के सदस्य कोचिंग कैंप और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ (भारत और विदेश में, सभी फॉर्मेट में) भारत के जूनियर मुकाबलों के लिए अंडर-22 तक की उम्र-वर्ग की टीमों को चुनने के लिए जिम्मेदार होंगे। यह समिति भारत की जूनियर टीमों के लिए एक मजबूत टैलेंट पूल और बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। मौजूदा समिति सितंबर 2021 में बनी थी। साल 2023 में, कर्नाटक के पूर्व विकेटकीपर तिलक नायडू मुख्य चयनकर्ता बने क्योंकि शरथ सीनियर पुरुष चयन पैनल में चले गए थे। साल 2025 में, शरथ ने वापस मुख्य जूनियर चयनकर्ता बने और नायडू की जगह ली। मौजूदा पैनल के पांच साल के कार्यकाल के दौरान, भारतीय जूनियर क्रिकेट टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने यश धुल और आयुष म्हात्रे की कप्तानी में क्रमश: साल 2022 और 2026 के पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप जीते। चयन पैनल के काम का दायरा बताते हुए, बीसीसीआई ने नए सदस्यों के लिए काम की रूपरेखा स्पष्ट की, जो अंडर-22 स्तर तक खिलाड़ियों की प्रगति की देखरेख करेंगे। इस भूमिका के लिए उम्मीदवारों को खेल के पिछले अनुभव और प्रशासनिक ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ (पद छोड़ने के बाद अनिवार्य अंतराल) से जुड़े खास मानदंडों को पूरा करना होगा। आवेदक का कम से कम 25 फर्स्ट-क्लास मैच खेलना अनिवार्य होगा, साथ ही उसे खेल से संन्यास लिए हुए कम से कम 5 साल हो चुके हों। टीम चुनने के अलावा, अहम जिम्मेदारियों में सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों की जांच-पड़ताल करना, खिलाड़ियों के विकास पर नजर रखना, भारत और विदेश में अलग-अलग फॉर्मेट और दौरों के लिए कप्तान नियुक्त करना, और सीनियर व पूर्व खिलाड़ियों के साथ बातचीत के जरिए ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच-फिक्सिंग के विरुद्ध जागरूकता फैलाना शामिल है। जिस आवेदक ने बीसीसीआई की किसी भी क्रिकेट समिति में कुल 5 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है, वह चयन के लिए अयोग्य माना जाएगा। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का मूल्यांकन स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद पर्सनल इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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