सेंसेक्स 183 अंक फिसला, निफ्टी में 0.52 प्रतिशत की गिरावट

 मुंबई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के चलते हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। घरेलू बाजार में यह गिरावट पिछले दिन की तेजी के बाद आई है, जब दोनों प्रमुख बेंचमार्कों सेंसेक्स और निफ्टी50 में 0.48 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई थी। वहीं आज के सत्र में आईटी, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में दबाव के चलते दोनों प्रमुख बेंचमार्क 0.52 प्रतिशत तक गिर गए। बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 183.15 अंक यानी 0.24 प्रतिशत गिरकर 77,472.94 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 126.80 (0.52 प्रतिशत) अंक लुढ़ककर 24,207.75 पर बंद हुआ। सत्र के दौरान सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,656.09 से 236 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,892.10 पर खुला और एक समय इसने 330.75 अंक या 0.42 प्रतिशत की उछाल के साथ 77,986.84 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि आखिरी सत्र में इसने 183.14 अंक या 0.23 प्रतिशत गिरकर 77,472.94 का दिन का निम्नतम स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,334.55 से 7.40 अंक की मामूली बढ़ के साथ 24,341.95 पर फ्लैट खुला, लेकिन दिन के दौरान एक समय इसने 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,378.60 का इंट्रा-डे हाई छुआ, जबकि 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ इसने 24,207.75 का दिन का निम्नतम स्तर छुआ। इस दौरान, व्यापक बाजार में भी मिलाजुला कारोबार देखने को मिला, जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.10 प्रतिशत की गिरावट तो निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.81 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन भी खराब रहा। वहीं, निफ्टी मेटल, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी सीमेंट का प्रदर्शन बेहतर रहा। निफ्टी50 इंडेक्स में कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, जबकि भारती एयरटेल, पावरग्रिड, इंफोसिस, एलएंडटी, नेस्ले इंडिया और श्रीराम फाइनेंस सबसे ज्यादा खराब प्रदर्शन वाले शेयरों में शामिल रहे। एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि सत्र के आखिर में शुरुआती बढ़त खत्म हो गई क्योंकि अलग-अलग सेक्टरों में अलग-अलग रुझान के कारण बेंचमार्क पर दबाव बना रहा। एक्सपर्ट ने कहा कि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलने से महंगाई की चिंताएं कम हुईं, जिससे घरेलू बॉन्ड यील्ड में नरमी आई और बैंकिंग शेयरों में तेजी देखी गई। वहीं, बेहतर कमाई की उम्मीदों से मेटल शेयरों में भी बढ़त हुई। हालांकि, आईटी शेयरों में आई गिरावट ने इस बढ़त का असर काफी हद तक कम कर दिया। अमेरिका में इमिग्रेशन पर सख्ती के चलते वीजा अपॉइंटमेंट रोकने से मार्जिन पर दबाव की चिंताएं फिर से बढ़ गईं। एक्सपर्ट के अनुसार, अब निवेशक ब्याज दरों की चाल के बारे में और स्पष्टता के लिए अमेरिकी ‘कोर पीसीई’ आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। अगर ‘कोर’ रीडिंग सीमित रहती है, तो इससे संकेत मिलेगा कि हाल ही में ऊर्जा की कीमतों के कारण महंगाई में जो उछाल आया था, वह कुछ समय के लिए ही है। इससे ब्याज दरों को लेकर चिंताएं कम होंगी और उभरते बाजारों में निवेश बढ़ेगा।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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