नेपाल त्रासदी : प्रधानमंत्री मोदी की पीएम बालेंद्र से बात, मुश्किल घड़ी में हरसभंव मदद का भरोसा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से बात कर फ्लैश फ्लड से मची तबाही पर दुख जताया है। उन्होंने इस विपत्ति में पड़ोसी राष्ट्र की हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। पीएम ने कहा, “प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।” इससे पहले नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी देने के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। दो हेल्पलाइन नंबर +9779851316807 और +9779709107500 हैं। बुधवार तड़के नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ा और बाढ़ का पानी किनारों को अपनी चपेट में लेता गया। नेपाल पर्यटन विभाग ने बताया कि कुल 384 यात्री लापता हो गए। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में से 291 विदेशी नागरिक हैं। इनमें भारत के 105 नागरिक भी शामिल हैं। विभाग ने विभिन्न टूरिज्म एजेंसियों के हवाले से आंकड़ा पेश किया है, जिसमें एक जगह 59 और दूसरी जगह कुल 46 भारतीयों की संख्या साफ दिख रही है। इसके साथ ही बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके मुताबिक, एहतियात के तौर पर, काठमांडू घाटी की ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जाने वाले वाहनों को रोक दिया है। हालात को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे तब तक आपदाग्रस्त इलाकों की ओर न बढ़ें जब तक कि आधिकारिक जानकारी से यह पुष्टि न हो जाए कि सड़क की स्थिति सुरक्षित है। बचाव और आपातकालीन कार्रवाई में मदद के लिए नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने जनता और यात्रियों से प्रभावित हाईवे और नदी के रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के पास और मुग्लिन की ओर नीचे की तरफ रहने वाले निवासियों और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे अगली सूचना तक पूरी तरह सतर्क रहें। इस बीच स्थानीय मीडिया आउटलेट कांतिपुर न्यूज के अनुसार, खराब मौसम के कारण रासुवा के बाढ़ पीड़ित इलाकों में बचाव का सामान लेकर गए तीन हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण काठमांडू लौट आए। काठमांडू एयरपोर्ट के अनुसार, लौटने वाले हेलीकॉप्टरों में एल्टीट्यूड एयर, एयर डायनेस्टी और अन्नपूर्णा हेलीकॉप्टर्स शामिल हैं। रास्ते में मौसम खराब होने के बाद ये हेलीकॉप्टर काठमांडू लौट आए। एयरपोर्ट ने बताया कि खराब मौसम के कारण बाढ़ ग्रस्त इलाकों में और हेलीकॉप्टर भेजना मुश्किल है। गृह मंत्री सुदान गुरुंग और पर्यटन मंत्री खड़गराज पौडेल त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बचाव और राहत उड़ानों का समन्वय कर रहे हैं।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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