मानसी पारेख ने पूरी की कैलाश यात्रा, बोलीं- जिंदगी भर याद रहेगा ये सफर

 मुंबई। अभिनेत्री मानसी पारेख ने हाल ही में कैलाश की आध्यात्मिक यात्रा पूरी की हैं। शनिवार को उन्होंने अपनी इसी यात्रा की झलक शेयर की। साथ ही, उन्होंने बताया कि यह उनके अब तक के सबसे खास अनुभवों में से एक है। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की झलक शेयर की, जिसमें उन्होंने ऊंचाई पर 20 किमी पैदल चलने, बारिश का सामना करने और आखिर में घोड़े पर सवार होकर आखिरी हिस्से तक जाने को याद किया। जारी किए गए वीडियो में अभिनेत्री मानसी पारेख कहती हैं, “इस ठंड के मौसम में, बिना अलार्म के, मैं सुबह 5 बजे उठी क्योंकि मैं बहुत उत्साहित थी। हाई एल्टीट्यूड पर नाक में कैस्टर ऑयल लगाना बहुत जरूरी है, नहीं तो नाक से खून निकलने लगता है। पहाड़ों में कोई मेकअप काम नहीं करता; सिर्फ एक चीज मायने रखती है, वो है ढेर सारा सनब्लॉक।” अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने अपना नाश्ता हैवी किया है, क्योंकि पहाड़ों में चढ़ने के साथ-साथ अपना बैकपैक भी उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा, “नाश्ते के बाद हम बस की तरफ निकल पड़े और अचानक, हमने देखा कि मौसम बहुत खराब है। ऐसा लग रहा है कि बारिश होने वाली है।” अभिनेत्री ने यात्रा के बारे में बताते हुए कहा, “हम यमद्वारा से अपनी यात्रा शुरू करते हैं। इसका सांकेतिक मतलब है कि आप अपनी सारी शिकायतों और परेशानियों को, सब कुछ भूल जाते हैं और अपने नए आध्यात्मिक स्वरूप की ओर चलते हैं। इस साल तिब्बती कैलेंडर के अनुसार घोड़े का वर्ष है, जिसका मतलब है कि इस साल कैलाश यात्रा करना 13 बार यात्रा करने के बराबर है।” उन्होंने आगे कहा, “घोड़े का वर्ष समर्पण, परिवर्तन और विलय के बारे में है और मुझे लगता है कि ये यात्रा निश्चित रूप से मेरे लिए यही है और इससे भी कहीं ज्यादा। जैसा कि आप देख सकते हैं, जैसे-जैसे हम ऊंचाई की ओर बढ़ रहे हैं, खूबसूरत नज़ारे भी बढ़ते जा रहे हैं।” अभिनेत्री ने बताया कि वे घर से अपनी मम्मी के पैक किए हुए ड्राई फ्रूट्स जैसे क्विक स्नैक भी ले गई थी। उन्होंने कहा, “पहाड़ों के खूबसूरत नजारों को देखकर मैं बहुत खुश हूं और अचानक से उस दौरान कैलाश का पूर्वी छोर दिखा, जो और भी खूबसूरत था। पूर्वी छोर को देखने के बाद मुझे शांति महसूस हुई सब कुछ सार्थक लगा। इसीलिए मैंने घोड़े पर बैठकर आखिरी 1 किमी अपने शेरपा के साथ पूरा करने का फैसला किया। अभिनेत्री ने बताया कि कैलाश यात्रा उनके लिए सबसे खास अनुभवों में से एक है। उन्होंने वीडियो पोस्ट कर लिखा, “तिब्बती संस्कृति के अनुसार ‘घोड़े के साल’ में कैलाश की यात्रा करना 13 बार यात्रा करने के बराबर है! क्या खास साल है और क्या खास सफर है जो हमेशा के लिए मेरे दिल में बस गया है।”

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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