जॉर्डन पर ईरान का हमला बेवजह और बेरहम: सऊदी अरब

रियाद। पश्चिम एशिया संकट बरकरार है। अमेरिका के ईरान पर हमले और फिर जवाबी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में टकराव की स्थिति बनी हुई है। ईरान ने जवाबी हमले जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए। इस अटैक की सऊदी अरब ने कड़ी आलोचना की है। बुधवार को विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जारी एक बयान में जॉर्डन पर ईरान के लगातार हमलों को ‘बेवजह और बेरहम’ करार दिया। बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब, ईरान की आक्रामकता के खिलाफ जॉर्डन द्वारा उठाए जाने वाले “सभी कदमों” में उसके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, ईरान की इन आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में जॉर्डन और वहां के लोगों द्वारा उठाए गए सभी कदमों के साथ अपनी एकजुटता दोहराता है। सऊदी अरब के अनुसार, ईरान के ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी के तौर पर रहने के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन हैं। मंत्रालय ने बयान में आगे कहा कि वह जॉर्डन और इस क्षेत्र के अन्य देशों पर ईरान के बेखौफ हमलों को तुरंत रोकने की जरूरत पर जोर देता है और क्षेत्र के देशों व लोगों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर कदम उठाने का आह्वान करता है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया था। इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 18 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिर गईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इसे लेकर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “ईरान ने पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े तेल टैंकरों पर हमला किया।” अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में 10 जहाजों पर हमले करने का दावा किया। इनमें 2 अमेरिकी जहाज और 8 तेल टैंकर शामिल हैं। ईरान के मुताबिक ये जहाज प्रतिबंधित इलाके से गुजर रहे थे

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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