मलेशिया पहुंचा भारतीय युद्धपोत, समुद्री अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ में लेगा हिस्सा

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस मैसूर मलेशिया के लुमुट पहुंच गया है। यह भारतीय युद्धपोत भारत और मलेशिया की नौसेनाओं के बीच होने वाले द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ में हिस्सा लेगा। ‘समुद्र लक्ष्मण’ के तहत दोनों देशों के जवानों समुद्र व हार्बर के अभ्यास करेंगे। दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर बातचीत होगी व एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा किया जाएगा। ऑपरेशनल स्तर पर बातचीत और खेल गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी अनुभव साझा करना, तालमेल बढ़ाना और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझना है। नौसेना के मुताबिक, आईएनएस मैसूर, भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैनाती के तहत यहां आया है। लुमुट पहुंचने पर आईएनएस मैसूर के अधिकारियों और जवानों का मलेशियाई नौसेना के कर्मियों तथा मलेशिया में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। ‘समुद्र लक्ष्मण’ अभ्यास का यह चौथा संस्करण है। इसमें आईएनएस मैसूर के साथ मलेशियाई नौसेना के केडी लेकिर और केडी गगाह समुद्र भी हिस्सा लेंगे। अभ्यास के दौरान दोनों देशों की नौसेनाएं बंदरगाह और समुद्र, दोनों स्तरों पर विभिन्न गतिविधियों में शामिल होंगी। यह अभ्यास भारत और मलेशिया के बीच लगातार मजबूत हो रहे समुद्री सहयोग की एक और कड़ी है। हाल में 1 जुलाई 2026 को 12वीं भारत-मलेशिया उपसमिति बैठक भी आयोजित हुई थी। इन लगातार हो रहे संवाद और संयुक्त गतिविधियों से दोनों देशों के बीच रक्षा एवं समुद्री क्षेत्र में सहयोग का दायरा बढ़ रहा है। आईएनएस मैसूर की लुमुट यात्रा को भारत-मलेशिया के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभ्यास के दौरान दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को साथ काम करने और अपने पेशेवर अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में संयुक्त समुद्री अभियानों में तालमेल और बेहतर हो सकता है। यह भागीदारी भारत सरकार की ‘महासागर’ यानी क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास की व्यापक सोच तथा 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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