ऑफिसर एंड ए जेंटलमैन: आनंद महिंद्रा ने चेस ओलंपियाड में ‘बोर्ड 4’ पर खेलने के लिए ‘जेंटलमैन’ गुकेश को सराहा

नई दिल्ली। ‘महिंद्रा ग्रुप’ के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने मौजूदा चेस वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश को सराहा है। उन्होंने चेस ओलंपियाड में बोर्ड 4 पर खेलने के उनके फैसले के लिए उन्हें ‘ऑफिसर एंड ए जेंटलमैन’ कहा। टूर्नामेंट के लिए गुकेश को चौथे बोर्ड पर रखा गया था, जबकि आर. प्रज्ञानंद, अर्जुन एरिगैसी और निहाल सरीन टॉप तीन बोर्ड पर खेल रहे थे। 20 वर्षीय वर्ल्ड चैंपियन की तारीफ में आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अगर आप यह देखना चाहते हैं कि एक सच्चा टीम प्लेयर कैसा होता है, तो यह उसका बेहतरीन उदाहरण है। गुकेश, आप ‘ऑफिसर एंड ए जेंटलमैन’ हैं।” उन्होंने गुकेश का इंटरव्यू वीडियो शेयर करते हुए कहा, “आप उन भारतीय गुणों का बेहतरीन उदाहरण हैं जिन्हें मैं आदर्श मानता हूं: हमेशा विनम्रता, और जरूरत पड़ने पर आक्रामकता।” वीडियो में गुकेश ने बताया कि प्रज्ञानंद और अर्जुन की अच्छी फॉर्म को देखते हुए उन्होंने खुद को क्रम में नीचे रखने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि वह देश के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। फिडे के अनुसार, गुकेश ने कहा, “मतलब, यह स्पष्ट है कि प्रग (आर. प्रज्ञानंद) और अर्जुन (एरिगैसी) बहुत शानदार फॉर्म में हैं। रेटिंग्स भी यही बताती हैं और हां, यह मेरा ही आइडिया था। पूरी टीम का भी यही सोचना था कि इसी क्रम से हमारे टूर्नामेंट जीतने की सबसे अधिक संभावना है।” उन्होंने इस बात को नजरअंदाज कर दिया कि वर्ल्ड चैंपियन के निचले क्रम पर खेलने को लोग कैसे देखेंगे। उन्होंने कहा, “वर्ल्ड चैंपियन के बोर्ड चार पर खेलने की बात करें तो मुझे लगता है कि अगर टीम को जरूरत हो, तो मैं सभी गेम में आराम भी कर सकता हूं। हम यहां भारत के लिए खेल रहे हैं, और देश से बड़ा कोई खिलाड़ी नहीं है। इसलिए टीम के अच्छे प्रदर्शन के लिए जो भी जरूरी हो, उसे करने में मुझे खुशी होगी।” राउंड 2 में इंडोनेशिया के सतरिया दूता काहया के विरुद्ध ड्रॉ खेलने के बाद, गुकेश चार साल में पहली बार लाइव क्लासिकल रैंकिंग में 2,700 के मार्क से नीचे आ गए। उन्होंने इस नतीजे को निराशाजनक नहीं माना। उन्होंने कहा, “मैं कल के दिन को निराशाजनक नहीं मानूंगा, क्योंकि मुझे लगता है कि दोनों तरफ से बहुत अच्छा खेल हुआ। और मेरे प्रतिद्वंद्वी ने अच्छा बचाव किया, इसलिए कभी-कभी आप कुछ नहीं कर सकते।”इटली के सबिनो ब्रुनेलो पर जीत के बाद वे फिर से 2,700 से ऊपर पहुंच गए। भारत ने ओपन सेक्शन में अपने सभी मुकाबले जीते, लेकिन एरिगैसी के शुरुआती दौर में हारने से उन्हें चुनौती का सामना करना पड़ा। गुकेश ने कहा, “मुझे लगता है कि यह बताना जरूरी है कि हमारी यात्रा बहुत थकाऊ थी, और फिर पहले दिन कुछ आयोजन संबंधी दिक्कतें थीं। इसलिए अर्जुन को शायद इवेंट से कुछ घंटे पहले ही कमरा मिला। हम सभी को कमरा मिलने के लिए लगभग छह घंटे इंतजार करना पड़ा। तो जाहिर है, पहले दौर में अर्जुन थके हुए थे, और उन्होंने आखिर में गलती कर दी।”

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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