20 सितंबर का पंचांग: ‘बप्पा’ की विशेष पूजा और विसर्जन होगा, दोपहर 3:23 बजे तक रहेगा सौभाग्य योग

 नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 20 सितंबर 2026 (रविवार) को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शाम 5:51 बजे तक है। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन गणेश उत्सव के सातवें दिन ‘बप्पा’ की विशेष पूजा और विसर्जन की प्रक्रिया की जाएगी। वहीं रविवार होने के कारण सूर्य देव की आराधना करना फलदायी रहेगा। रविवार सुबह 6:18 बजे सूर्योदय और शाम 6:22 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, दोपहर 2:21 चंद्रोदय और रात 1:05 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेगा। रविवार को दोपहर 3:23 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा, इसके बाद शोभन योग शुरू हो जाएगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 से दोपहर 12:44 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृतकाल रात 11:11 से रात 12:59 बजे तक रहेगा। वहीं, राहुकाल दोपहर 4:51 बजे से 6:21 बजे और गुलिक काल दोपहर 3:21 से 4:51 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड काल दोपहर 12:20 से 1:50 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है। रविवार को इस दिन सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा। पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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