भारत के शीर्ष सात शहरों में तीसरी तिमाही में घरों की बिक्री 3 प्रतिशत बढ़ी

नई दिल्ली। भारत के शीर्ष 7 शहरों में 2026 की तीसरी तिमाही में घरों की बिक्री सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 1,00,220 यूनिट्स हो गई है। वहीं, बिक्री की वैल्यू करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। एनारॉक ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में नई आपूर्ति 18 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,14,320 यूनिट हो गई। इसमें मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) का अहम योगदान रहा, जहां लगभग 37,500 यूनिट और हैदराबाद में लगभग 18,950 यूनिट लॉन्च हुईं। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक दबावों के बावजूद, 2026 की तीसरी तिमाही में भारत के आवासीय बाजार ने फिर से रफ्तार पकड़ी। खरीदारों की मजबूत मांग के कारण घरों की बिक्री में तेजी आई, हालांकि बढ़ती लागत और अलग-अलग मार्केट में मांग में असमानता के कारण ग्रोथ एक सीमित दायरे में ही रही। एमएमआर में सबसे ज्यादा लगभग 31,750 यूनिट्स की बिक्री हुई, इसके बाद बेंगलुरु में लगभग 16,670 यूनिट्स की बिक्री हुई। 2026 की तिमाही में टॉप 7 शहरों में हुई कुल बिक्री में इन दोनों शहरों का हिस्सा 48 प्रतिशत था। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, “हैदराबाद में घरों की बिक्री में सालाना आधार पर सबसे ज्यादा 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, इसके बाद बेंगलुरु में 12 प्रतिशत और एमएमआर में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बाकी सभी टॉप शहरों में सालाना आधार पर बिक्री में गिरावट दर्ज की गई।” ज्यादातर शहरों में सालाना आधार पर नई आपूर्ति में गिरावट देखी गई, लेकिन हैदराबाद, एमएमआर और बेंगलुरु में नई आपूर्ति में बढ़ोतरी क्रमशः 120 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 17 प्रतिशत रही। 80 लाख रुपए से 1.5 करोड़ रुपए की कीमत वाली यूनिट्स का नई आपूर्ति में सबसे ज्यादा 34 प्रतिशत हिस्सा था, इसके बाद 1.5 करोड़ रुपए से 2.5 करोड़ रुपए के बजट सेगमेंट का 24 प्रतिशत हिस्सा था। इस तिमाही में कुल नई आपूर्ति में 40 से 80 लाख रुपए की कीमत वाली यूनिट्स का हिस्सा 17 प्रतिशत था, जबकि 40 लाख रुपए से कम कीमत वाली कैटेगरी का हिस्सा 14 प्रतिशत रहा। 2026 की तीसरी तिमाही के आखिर तक, टॉप 7 शहरों में उपलब्ध हाउसिंग इन्वेंट्री सालाना 12 प्रतिशत बढ़कर 6,30,590 यूनिट्स से ज्यादा हो गई। 2026 की तीसरी तिमाही में टॉप शहरों में घरों की औसत कीमतों में सालाना 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसमें एनसीआर में सबसे ज्यादा 12 प्रतिशत की सालाना बढ़त देखी गई, जिसके बाद बेंगलुरु में 8 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई। पुरी ने कहा, “हालांकि ज्यादा कीमतों और अफोर्डेबिलिटी से जुड़ी चिंताओं के कारण खरीदार शायद सोच-समझकर फैसला लेंगे, लेकिन त्योहारों का माहौल, लोन लेने की स्थिर लागत और नए लॉन्च की अच्छी पाइपलाइन से बिक्री को बढ़ावा मिलना चाहिए।”

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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