पाकिस्तान में सड़कें बंद होने से कारोबार प्रभावित, दिहाड़ी मजदूरों का काम छूटा

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में ‘लॉन्ग मार्च’ और धरना-प्रदर्शन की आशंका के बीच अधिकारियों की ओर से सड़कें बंद किए जाने के बाद होटल, मोटल, सराय, मैरिज हॉल, प्राइवेट हॉस्टल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में काम करने वाले कई दिहाड़ी मजदूरों को काम से हटा दिया गया है। पाकिस्तानी अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक, सड़कें बंद होने के कारण ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई के टर्मिनल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और होटल से जुड़े कारोबार प्रभावित हुए हैं। इसकी वजह से रोजाना की मजदूरी पर काम करने वाले हेल्पर, बर्तन धोने वाले कर्मचारी, वेटर, सफाईकर्मी और सैनिटेशन वर्कर्स को काम से हटाया गया है। सेंट्रल ट्रेडर्स एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट फेडरेशन और माल ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टरों ने सरकार और विपक्ष से बातचीत के जरिए तनाव खत्म करने की अपील की है। ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के पैट्रन-इन-चीफ हाजी जहूर अराइन ने कहा कि टर्मिनल बंद होने की वजह से ट्रांसपोर्टरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बल प्रयोग और लॉन्ग मार्च, दोनों से अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा और विकास का काम रुक सकता है। उन्होंने सरकार से सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की अपील की। अराइन ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का मार्च कुछ समय के लिए टलने से बातचीत का रास्ता खुला है और अधिकारियों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जुड़वां शहरों (इस्लामाबाद और रावलपिंडी) को कंटेनरों का शहर बना दिया गया है। सड़कें खोलिए और कारोबार फिर से शुरू होने दीजिए।” पीटीआई ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च करने की योजना बनाई थी। इसे देखते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद की ओर जाने वाले कई प्रमुख हाईवे और मोटरवे को अलग-अलग जगहों पर बंद कर दिया या उन पर आवाजाही सीमित कर दी है। सरकार के इस फैसले की वजह से एक प्रांत से दूसरे प्रांत और एक शहर से दूसरे शहर तक यात्रियों तथा सामान की आवाजाही प्रभावित हुई। इस्लामाबाद और उसके आसपास के इलाकों को जोड़ने वाले कई अहम रास्तों पर भी असर पड़ा। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, अधिकारियों ने सड़कें बंद करने और पाबंदियां लगाने की वजह ‘कानून-व्यवस्था की स्थिति’ बताई। इस बीच, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने 25 सितंबर को घोषणा की थी कि पीटीआई ने 27 सितंबर को होने वाला इस्लामाबाद मार्च टालकर 4 अक्टूबर कर दिया है। उन्होंने पीटीआई की राजनीतिक समिति की बैठक के बाद यह घोषणा की। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, पीटीआई ने पार्टी के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। इमरान खान फिलहाल रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। अफरीदी ने कहा, “राजनीतिक समिति की बैठक में सभी मामलों पर चर्चा हुई और सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च 4 अक्टूबर को पेशावर से शुरू होगा।” इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनकी पार्टी का कहना है कि जिन मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया है, वे राजनीतिक वजहों से बनाए गए हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से इमरान खान के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए। इनमें सरकारी तोहफों से जुड़ा मामला और गैरकानूनी शादी से जुड़ा मामला भी शामिल है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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