कान्हा नेशनल पार्क की समृद्धि जैव विविधता के कारण विशिष्ट पहचान : सीएम मोहन यादव

भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कान्हा नेशनल पार्क की समृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थान अपनी जैव विविधता के कारण विशेष पहचान रखता है । मुख्यमंत्री यादव मंडला प्रवास पर पहुंचे और उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि कान्हा अपनी समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संपदा के लिए विशेष पहचान रखता है। यह प्रसन्नता का विषय है कि यहां बाघ, तेंदुआ, बारहसिंगा सहित अनेक वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में फल-फूल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से बारहसिंगा के संरक्षण और उनके पुनर्वास के क्षेत्र में कान्हा ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। कभी विलुप्ति की कगार पर पहुंची इस प्रजाति को यहां नया जीवन मिला है। मुख्यमंत्री ने वन्य जीव के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा हमारी समृद्ध वन्यजीव विरासत और प्रकृति के संरक्षण के प्रयासों को करीब से देखकर आज मुझे अत्यंत आनंद की अनुभूति हुई। मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे कान्हा अवश्य आएं और प्रकृति को करीब से जानने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त करें। राज्य में चीता परियोजना सफल रही है। कूनो नेशनल पार्क के बाद गांधी सागर अभ्यारण और दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को बसाया गया है। इस बात का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चीता परियोजना भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सहयोग से जंगली भैंसों के पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके अंतर्गत छह मादा और दो नर सहित कुल आठ जंगली भैंसों को यहां बसाया गया है। उन्होंने कहा कि बाघ, तेंदुआ, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे वन्यजीवों के संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयास हमारी प्राकृतिक धरोहर को और समृद्ध बना रहे हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। मैं इस समृद्ध वन्यजीव विरासत के संरक्षण में योगदान देने वाले सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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