पिथौरागढ़। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ के रामलीला मैदान में आयोजित विकास योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया। सीएम धामी ने कहा, “आज पिथौरागढ़ जिले की विकास यात्रा में एक नया और सुनहरा अध्याय जुड़ रहा है। आज हम 284 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 67 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि ये विकास कार्य पिथौरागढ़ के हर नागरिक के जीवन को सरल, सुलभ, समृद्ध और सुविधाजनक बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।” उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री मोदी ने 2023 में आदि कैलाश क्षेत्र और गुंजी का दौरा किया था और उसी यात्रा के दौरान पिथौरागढ़ और जागेश्वर धाम में रुके थे, तब से इन क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, “एक नया परिवर्तन पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए पिथौरागढ़ को शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा, “क्योंकि ये धरती मेरी जन्मभूमि है और मेरा घर है। यहां की मिट्टी ने मुझे बचपन से ही संघर्ष करना सिखाया। यहां से मुझे जो संस्कार मिले, उसने मुझे जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आपका बेटा, आपका मुख्यसेवक पिथौरागढ़ की सेवा के लिए दिन-रात काम कर रहा है।” उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पिथौरागढ़ में कई बड़े काम आगे बढ़ाए जा रहे हैं। 750 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। 34 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज के बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही एक भव्य स्टेडियम का निर्माण होने जा रहा है। 21 करोड़ की लागत से सीसीसी (क्रिटिकल केयर सेंटर) का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ-साथ पुलिस भवन का निर्माण, फायर ब्रिगेड का निर्माण और रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण भी कराया जा रहा है। सीएम धामी ने कहा कि उनकी सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड को ऐसा राज्य बनाया जाए जहां युवाओं के लिए रोजगार हो, उन्हें अपना घर न छोड़ना पड़े और पलायन न करना पड़े। उन्होंने बताया कि कृषि से गांवों में आजीविका के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना कारगर साबित हो रही है और उनके उत्पादों की देश-दुनिया में डिमांड बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मंचों से खोखले नारे लगाने से कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि यहां के मेडिकल कॉलेज आसानी से नहीं बनते, यहां की हवाई सेवा आसानी से शुरू नहीं हो जाती। यहां तमाम विकास के काम आगे बढ़ रहे हैं, ये पहले भी हो सकते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में सबसे पहले यूसीसी का कानून बनाया है। इसके साथ ही दंगा रोकने का काम किया। धर्मांतरण रोकने वाला कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद जैसी गलत गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की। हमने मदरसा बोर्ड को समाप्त किया है। लेकिन हमारे इस फैसले से तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले लोगों के पेट में बहुत दर्द हो रहा है। जिन्होंने 60 सालों तक देश में शासन किया है, उन्हें हमारे हर अच्छे फैसले से बहुत ही ज्यादा तकलीफ हो रही है। ये लोग हमारे फैसलों पर लगातार सवाल उठाते हैं। सीएम ने कहा, “मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि कानून की रक्षा करना और देवभूमि की रक्षा करना क्या केवल सरकार की जिम्मेदारी है?” उन्होंने साफ कहा कि न हम भ्रष्टाचारियों को बख्शेंगे, न नकल माफियाओं को और न ही कानून तोड़ने वालों को छोड़ेंगे। कोई भी गलत कार्य में संलिप्त पाया जाएगा तो कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश के सुरक्षा प्रहरी राष्ट्रीय नायकों का बार-बार अपमान करना कांग्रेस की असली राष्ट्रविरोधी मानसिकता को दिखाता है। जब विकास की बात होती है तो कांग्रेस विवाद खड़ा करती है। लगातार झूठ और आरोप लगाकर शोर मचाने का काम करते हैं। ये जनता को गुमराह करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगी और न ही देवभूमि के स्वाभिमान और प्रदेश के हित के मुद्दों पर एक इंच भी पीछे हटेगी।











