नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) पायलट प्रोजेक्ट्स का विस्तार सरकारी सब्सिडी कार्यक्रमों और वित्तीय बाजार उपकरणों तक कर दिया है। वित्त वर्ष 26 की वार्षिक रिपोर्ट में आरबीआई ने बताया कि उसने यूनिफाइड मार्केट्स इंटरफेस (यूएमआई) प्लेटफॉर्म के माध्यम से टोकनाइज्ड सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया है। आरबीआई के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 में सीबीडीसी का उपयोग केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा चलाई जाने वाली डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) स्कीम में किया गया था। गुजरात, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभार्थियों को प्रोग्रामेबल सीबीडीसी के माध्यम से खाद्य सब्सिडी प्राप्त हुई, जिसे केवल उचित मूल्य की दुकानों और नामित व्यापारियों पर पात्र वस्तुओं के लिए भुनाया जा सकता था। वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया,”रिजर्व बैंक ने वित्तीय परिसंपत्तियों के टोकनाइजेशन को सुविधाजनक बनाने के लिए यूनिफाइड मार्केट्स इंटरफेस (यूएमआई) विकसित किया है, जो एक बहुस्तरीय प्लेटफॉर्म है, साथ ही निपटान दक्षता बढ़ाने के लिए थोक सीबीडीसी का लाभ उठाता है।” केंद्रीय बैंक ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर टोकनाइज्ड रूप में जमा प्रमाणपत्रों के निर्गमन और व्यापार के लिए एक पायलट परियोजना शुरू हो गई है, जिसका निपटान थोक सीबीडीसी के माध्यम से किया जा रहा है। इस पायलट पहल का उद्देश्य वित्तीय बाजारों में टोकनाइजेशन और डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना है। सीमा पार पहलों के संबंध में, केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसने डिजिटल परिसंपत्ति सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं और सिंगापुर मौद्रिक प्राधिकरण (एमएएस) के साथ चर्चा की है। इसके अलावा, सीमा पार सीबीडीसी पायलट परियोजना को चालू करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के केंद्रीय बैंक के साथ विचार-विमर्श किया गया। आरबीई ने प्रोजेक्ट रियाल्टो और प्रोजेक्ट मंडला के दूसरे चरण में भाग लिया है, दोनों का नेतृत्व बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स इनोवेशन हब कर रहा है और इनका उद्देश्य सीबीडीसी का उपयोग करके सीमा पार भुगतान में सुधार करना है। केंद्रीय बैंक सीबीडीसी पायलट परियोजनाओं को अतिरिक्त डीबीटी योजनाओं और व्यावसायिक अनुप्रयोगों तक विस्तारित करने की योजना बना रहा है।











