भुटान का भारत से ई20 पेट्रोल लेने से इनकार के दावे वाली रिपोर्ट्स को केंद्र ने किया खारिज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रविवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि भुटान की ओर से भारत से ई20 पेट्रोल लेने से इनकार कर दिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी स्पष्टीकरण में कहा गया,”ये दावे गलत हैं कि भूटान ने भारत से ई20 पेट्रोल आयात करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया।” पोस्ट में आगे कहा गया, “ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) की ओर से ऐसा कोई ऑफर नहीं दिया गया है और भूटान को ई20 पेट्रोल निर्यात करने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है।” साथ ही जनता से अपील की कि सही जानकारी के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल वितरक कंपनियों की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। भुटान की ओर से भारत से ई20 पेट्रोल लेने से इनकार करने का दावा करने वाली कई रिपोर्ट्स शनिवार को सामने आई थीं, जिनमें कहा गया कि पड़ोसी देश ने भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) से ई20 (जिसमें 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है) पेट्रोल को आयात करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। रिपोर्ट में बताया गया कि भुटान के ई20 पेट्रोल न आयात करने की वजह स्टोरेज से संबंधी चुनौतियां हैं। इससे अतिरिक्त, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ई20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों को पूरी तरह भ्रामक और वैज्ञानिक तथ्यों से परे बताया है। मंत्रालय ने कहा कि ई20 पेट्रोल वाहनों के लिए नुकसानदायक होने, प्रदूषण बढ़ाने, इंजन खराब करने या एथेनॉल उत्पादन में अत्यधिक पानी की खपत जैसे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वाहन मालिकों को डराने के लिए सोशल मीडिया पर झूठी और निराधार बातें फैलाई जा रही हैं। इन दावों का प्रमुख ऑटोमोटिव अनुसंधान संस्थानों द्वारा किए गए व्यापक तकनीकी अध्ययनों से कोई मेल नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, ई20 पेट्रोल के उपयोग से वाहनों से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। एथेनॉल में मौजूद कार्बन जैविक स्रोत का होता है, जिससे वातावरण में शुद्ध कार्बन उत्सर्जन नहीं बढ़ता।

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Video Post

Quick Link