पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र और देशरत्न मार्ग से आवेदन प्राप्ति केंद्र तक बनाए गए ‘सहयोग पथ’ का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राज्यस्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 100 आवेदक उपस्थित हुए और उनके मामलों का मौके पर निष्पादन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास किसी आवेदन का पहुंचना इस बात का संकेत है कि निचले स्तर पर उसका समुचित समाधान नहीं हुआ। उन्होंने निर्देश दिया कि सीओ और बीडीओ स्तर पर होने वाले मामलों की नियमित निगरानी एसडीओ, डीसीएलआर और जिलाधिकारी करें, जबकि प्रमंडलीय आयुक्त और विभागीय सचिव भी समय-समय पर समीक्षा करते रहें। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक करीब 90 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता तभी संतुष्ट होगी जब उसकी शिकायतों का समय सीमा के भीतर निष्पक्ष समाधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सहयोग शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं का 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, सीवान, अररिया, भागलपुर और पश्चिम चंपारण सहित विभिन्न जिलों के कई लाभार्थियों ने अपनी समस्याओं के समाधान पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सोलर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है, जबकि इससे अधिक बिजली उत्पादन होने पर उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने की अपील करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों को ‘सोलर विलेज’ के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिन पात्र लाभार्थियों को अभी तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ नहीं मिला है या जिनके आवेदन लंबित हैं, उनका शीघ्र निष्पादन कर अगले महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की कमी के आधार पर किसी आवेदन को सीधे अस्वीकृत न किया जाए, बल्कि आवेदक को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, सभी जिलों के जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।











