रांची। झारखंड कांग्रेस के नेता राकेश सिन्हा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, केजीएमयू हॉस्टल में नॉनवेज भोजन पर रोक, मतदाता सत्यापन, पासपोर्ट और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सहित कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा अंतिम रिपोर्ट का मामला “लीपापोती” का प्रतीत होता है। एसआईटी का नेतृत्व ऐसे अधिकारी के पास है, जिन पर स्वयं भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। यह केवल चढ़ावा चोरी का मामला नहीं बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है। इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। केजीएमयू हॉस्टल में नॉनवेज भोजन नहीं बनाए जाने के फैसले पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि छात्र नॉनवेज भोजन करना चाहते हैं तो उन्हें छात्रावास के मेस में यह सुविधा मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो छात्रावासों में नॉनवेज भोजन बनाने पर रोक लगाता हो। उन्होंने तर्क दिया कि जब देश के प्रधानमंत्री विदेशों में भारत को मांस उत्पादन करने वाले बड़े देशों में शामिल बताते हैं और भाजपा के नेता स्वयं मांसाहार करते हैं, तो छात्रों को इससे वंचित करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल के व्यक्तिगत शाकाहारी दृष्टिकोण को छात्रों पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को मानदेय दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले कर्मचारियों को मानदेय मिलना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि जिन वास्तविक मतदाताओं का सत्यापन कर उनकी जानकारी चुनाव आयोग को सौंपी गई है, उनके नाम किसी राजनीतिक दबाव में मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे गए तो केवल मानदेय देना पर्याप्त नहीं होगा। पासपोर्ट को केवल विदेश यात्रा का दस्तावेज मानने संबंधी विदेश मंत्रालय के बयान पर भी कांग्रेस नेता ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट भारतीय नागरिक होने का एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पासपोर्ट, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र को भी भारतीय नागरिकता की पहचान नहीं माना जाएगा, तो फिर नागरिक की पहचान किस आधार पर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अहंकार में इस तरह के फैसले ले रही है। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर चल रही बहस पर भी राकेश सिन्हा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल से जुड़े उद्योग में मंत्री के परिवार के हित जुड़े होने के कारण इस ईंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका दावा था कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग से आम लोगों की गाड़ियों के इंजन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर लोगों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए, न कि बहस को दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ना चाहिए।











