अमेरिका ने इजरायल के लिए खाड़ी देशों की सुरक्षा दांव पर लगाई: बाकर कालीबाफ

तेहरान। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा है कि ईरान को पड़ोसी देशों से क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्थाओं और आर्थिक सहयोग को लेकर कई संदेश मिले हैं। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कालीबाफ ने ल‍िखा, “अमेरिका ने इजरायल के हितों के लिए दबाव बनाने और अपने सहयोगी देशों के हितों की पूरी तरह अनदेखी करके उनके सुरक्षा हितों को खतरे में डाल दिया है।” उन्होंने कहा, “वास्तविक शांति और सुरक्षा तभी आ सकती है जब क्षेत्र के देश अपनी खुद की स्वतंत्र और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था विकसित करें।” समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायल और क्षेत्र के विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे थे। मीडिया रिपोर्टों में क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि खाड़ी अरब देश वॉशिंगटन से नाराज हैं। उनका मानना है कि अमेरिका ने युद्ध की शुरुआत तो की, लेकिन उन्हें उसके असर से पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी। इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई में शामिल होगा, उसे तेहरान अपना ‘दुश्मन’ मानेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की थी कि ईरान को सहारा देने वाले किसी भी देश के खिलाफ ‘अब तक का सबसे कड़ा आर्थिक अभियान’ चलाया जाएगा। उन्होंने इसे ‘अभूतपूर्व स्तर की आर्थिक लड़ाई और अलगाव’ बताया था। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव रेजाई ने शनिवार को सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान पहले ऐसे देशों से बातचीत करेगा और उनसे इस विवाद से दूर रहने की अपील करेगा, लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो तेहरान उनके हितों को निशाना बनाएगा। रेजाई ने चेतावनी दी कि यदि आसपास के देश अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होते हैं, तो ईरान ‘होर्मुज स्‍ट्रेट से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने देगा।’

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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