उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स सपाट बंद, निफ्टी में 33 प्रतिशत तक की बढ़त

मुंबई। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ। बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,294.96 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 23,346.40 पर पहुंच गया। व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 1.24 प्रतिशत और 1.74 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी सीमेंट और निफ्टी केमिकल ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 इंडेक्स में अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, पावरग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और अपोलो हॉस्पिटल टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि टीसीएस, टीएमपीवी, एसबीआई लाइफ, कोल इंडिया, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, टाटा कंज्यूमर और सन फार्मा के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता की चिंताओं के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल यील्ड में नरमी से रिस्क लेने की इच्छा बढ़ी, जिससे भारतीय इक्विटी में रिकवरी जारी रही। बड़े सेंट्रल बैंकों द्वारा उम्मीद के मुताबिक, पॉलिसी एक्शन के बाद मिले पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से निवेशकों का भरोसा और बढ़ा। एक्सपर्ट ने आगे कहा कि रिकवरी सभी सेक्टर में दिखी, हालांकि प्रॉफिट बुकिंग के कारण आईटी शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि इस बात की चिंता बनी हुई थी कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का असर ग्लोबल टेक खर्च पर पड़ सकता है। हालांकि तेल की कीमतों और यील्ड में हालिया नरमी से कुछ समय के लिए राहत मिली है, लेकिन मार्केट की रिकवरी कितनी बनी रहेगी, यह ग्लोबल मैक्रो रिस्क में और कमी आने और विदेशी निवेशकों के निवेश में ठोस बढ़ोतरी पर निर्भर करेगा।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Video Post

Quick Link