‘उम्मीद से बेहतर’ यूपीआई एमडीआर के बाद बर्नस्टीन ने पेटीएम के आय के अनुमान को बढ़ाया

 नई दिल्ली। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने यूपीआई के अंतिम मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) ढांचे के उम्मीद से बेहतर रहने के बाद पीटीएम के लिए अपनी आय के अनुमान बढ़ा दिए हैं। ब्रोकरेज का कहना है कि इससे कंपनी के पेमेंट्स कारोबार में उपभोक्ता और मर्चेंट, दोनों स्तरों पर कमाई बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। बर्नस्टीन ने कहा कि इस ढांचे से उपभोक्ता पेमेंट ऐप्स को उम्मीद से बेहतर व्यवस्था मिली है। अब उपभोक्ता टीपीएपी यानी थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर्स को मर्चेंट ऐप्स के समान व्यापक रूप से एमडीआर मिल रहा है और एमडीआर पूल में उनका हिस्सा भी स्पष्ट रूप से तय किया गया है। ब्रोकरेज ने कहा कि उपभोक्ता पक्ष की कमाई को लेकर यह बढ़ी हुई स्पष्टता पेटीएम के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी यूपीआई भुगतान के उपभोक्ता और मर्चेंट, दोनों पक्षों में मौजूद है। पेटीएम के लिए बर्नस्टीन ने उपभोक्ता पक्ष पर अनुमानित एमटीआर टेक रेट, यानी प्रत्येक लेनदेन से कंपनी को मिलने वाले हिस्से को, पहले के 3 आधार अंक से बढ़ाकर 8 आधार अंक कर दिया है। वहीं, मर्चेंट पक्ष पर इसे 9 आधार अंक से बढ़ाकर 10 आधार अंक किया गया है। अक्टूबर 2026 के मध्य से इसके लागू होने को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज ने कहा कि इन बदलावों से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उसके आय अनुमान में करीब 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। उपभोक्ता पक्ष पर एमडीआर टेक रेट को 3 से बढ़ाकर 8 आधार अंक करना दोनों संशोधनों में बड़ा बदलाव है। इससे पेटीएम की उपभोक्ता पक्ष से होने वाली अनुमानित कमाई मर्चेंट पक्ष की कमाई के और करीब आ गई है। बर्नस्टीन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027-28 में यूपीआई पी2एम (पर्सन-टू-मर्चेंट) का कुल राजस्व पूल करीब 2.70 लाख करोड़ रुपए होगा। इसमें पेमेंट ऐप्स कुल एमडीआर पूल का करीब 40-45 प्रतिशत अपने पास रखेंगे। इसके आधार पर वित्त वर्ष 2027-28 तक सालाना करीब 1.10 लाख करोड़ रुपए से 1.20 लाख करोड़ रुपए का राजस्व अवसर बन सकता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यूपीआई पी2एम लेनदेन का मूल्य पिछले 12 महीनों के करीब 100 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 115 लाख करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2027-28 में 144 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। इस दौरान इसमें सालाना करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज के विश्लेषण के अनुसार, 2,000 रुपए से अधिक मूल्य वाले यूपीआई पी2एम लेनदेन कुल लेनदेन संख्या में छोटी हिस्सेदारी रखते हैं, लेकिन भुगतान मूल्य में इनका हिस्सा काफी बड़ा है। अगस्त 2026 में ऐसे लेनदेन यूपीआई पी2एम की कुल मात्रा का करीब 4 प्रतिशत थे, लेकिन कुल लेनदेन मूल्य में इनकी हिस्सेदारी करीब 67 प्रतिशत थी। संशोधित अनुमानों के बाद बर्नस्टीन ने पेटीएम पर अपनी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है और 2,200 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है। यह लक्ष्य उपभोक्ता और मर्चेंट, दोनों तरह के भुगतानों में कंपनी की बेहतर अनुमानित कमाई को दर्शाता है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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