नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एनसीसी कैडेट के साथ हवाई उड़ान भरी है। वायुसेना प्रमुख की इस पहल से एनसीसी कैडेट जक्कुला तेजस्वी रेड्डी को विमानन की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिला। बता दें कि वायुसेना प्रमुख इसी महीने रिटायर हो रहे हैं। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख होंगे। वह 31 अक्टूबर को वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे। वायुसेना ने शुक्रवार को बताया कि वायुसेना प्रमुख ने हैदराबाद के डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में 20 अक्टूबर को यह उड़ान भरी थी। इस दौरान एनसीसी की वायु शाखा की वरिष्ठ विंग की कैडेट तेजस्वी उनके साथ किरण विमान में मौजूद रहीं। वायुसेना प्रमुख ने एनसीसी कैडेट को विमान की कार्यप्रणाली, उड़ान की विभिन्न कलाओं और आसमान में विमान को नियंत्रित करने के तरीकों की जानकारी दी। यह उड़ान वायुसेना प्रमुख की अपने पहले उड़ान प्रशिक्षक के साथ होने वाली अंतिम उड़ान से पहले हुई। इसका उद्देश्य कैडेट को विमानन का व्यावहारिक अनुभव देना और उसे पायलट बनने के अपने सपने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना था। उड़ान भरने से पहले कैडेट तेजस्वी को विमान के कॉकपिट से परिचित कराया गया। उन्हें सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए और आपात स्थिति में विमान से बाहर निकलने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके अलावा आवश्यक चिकित्सकीय जांच भी की गई। विमान में सवार होने से पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उन्हें किरण विमान की विशेषताओं, उसके प्रमुख हिस्सों, इंजन के काम करने के तरीके, कॉकपिट में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रणालियों के बारे में बताया। वहीं, उड़ान के दौरान वायुसेना प्रमुख ने कैडेट को विमान की विभिन्न उड़ान कलाओं, अलग-अलग कोणों पर विमान को उड़ाने और तीखे मोड़ लेने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने अपनी देखरेख में कैडेट को कुछ उड़ान कलाओं का अभ्यास करने का अवसर भी दिया। इस अनुभव से तेजस्वी को यह समझने में मदद मिली कि विमान उड़ाने के लिए केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि सही निर्णय लेने, सतर्क रहने और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने की भी जरूरत होती है। इस पहल ने एनसीसी की वायु शाखा के कैडेटों के लिए विमानन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को भी सामने रखा। एनसीसी के माध्यम से युवाओं को उड़ान का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय कैडेट कोर युवाओं में कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार कर रहा है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप इसका प्रयास युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए तैयार करना है।











