एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप कप: 15 अगस्त से अभियान की शुरुआत

नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी में जुटी है। भारत की 20 सदस्यीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती हुई प्रतिभाओं का मेल देखने को मिल रहा है। युवा खिलाड़ियों में गोलकीपर मोहित एचएस, डिफेंडर यशदीप सिवाच के साथ मिडफील्डर राजिंदर सिंह और आदित्य अर्जुन लालागे शामिल हैं, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन के साथ टीम में जगह बनाई है। 23 वर्षीय अटैकिंग मिडफील्डर लालागे अपने करियर के सबसे बड़े टूर्नामेंट की तैयारी कर रहे हैं और इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए समर्पित हैं। भारत टूर्नामेंट के ‘पूल-डी’ में है। वह 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ मुकाबले के साथ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलेगा। 23 वर्षीय राजिंदर सिंह ने भारत के मिडफील्ड में कौशल और ताकत का मिश्रण पेश किया है और अपनी ऊर्जावान मौजूदगी से तेजी से अपनी पहचान बनाई है। राजिंदर ने टीम के आपसी तालमेल की तारीफ करते हुए कहा, “इस टीम को जो चीज खास बनाती है, वह है हमारा आपसी जुड़ाव। हम मैदान पर लगातार बातचीत करते हैं, लेकिन मैदान के बाहर भी हमारा रिश्ता उतना ही मजबूत है। हर कोई एक-दूसरे के लिए कोशिश करता है, और अगर कोई गलती करता है, तो उसका साथ देने के लिए हमेशा कोई न कोई साथी खिलाड़ी तैयार रहता है। यही एकता हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है।” अर्जुन लालागे ने कहा, “वर्ल्ड कप में खेलना मेरा बचपन का सपना रहा है और टीम का हिस्सा होना बहुत खास एहसास है। अभी मेरा ध्यान हर ट्रेनिंग सेशन और हर मैच में अपना शत प्रतिशत देकर इस मौके का पूरा फायदा उठाने पर है। मैं टीम की जरूरत के हिसाब से हर तरह से योगदान देना चाहता हूं। सीनियर खिलाड़ियों और कोचों ने हमेशा मेरा मार्गदर्शन किया है कि मैं क्या सुधार कर सकता हूं, इससे मुझे बहुत आत्मविश्वास मिला है। कैंप में हर कोई रोजाना कड़ी मेहनत कर रहा है। हम सभी की सोच एक ही है—भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना।” वहीं, 25 वर्षीय डिफेंडर यशदीप सिवाच ने अपनी कड़ी ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा, “वर्ल्ड कप की तैयारी बहुत जोरदार रही है। हमने अपने खेल के हर पहलू पर कड़ी मेहनत की है—फिटनेस और ताकत से लेकर खेल की छोटी-छोटी तकनीकी और रणनीतिक बारीकियों तक। हर कैंप ने हमें अपने स्टैंडर्ड्स को बेहतर बनाने और एक-दूसरे से बेस्ट निकलवाने के लिए प्रेरित किया है।” सिवाच ने सीनियर टीम के सदस्यों – जैसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जरमनप्रीत सिंह और अमित रोहिदास – से मिलने वाले मार्गदर्शन पर कहा, “मेरे आस-पास अनुभवी खिलाड़ियों के होने से बहुत फर्क पड़ा है। वे हमेशा अपने अनुभव शेयर करने और खेल की बारीकियों के बारे में बताने के लिए तैयार रहते हैं, जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। हर कोई अपनी भूमिका और जिम्मेदारी को समझता है। हम भविष्य में मिलने वाली चुनौती के लिए उत्साहित हैं।” गोलकीपर मोहित एचएस ने गोल के सामने शानदार रिफ्लेक्स दिखाया है। बेंगलुरु में जूनियर नेशनल कैंप से पिछला वर्ल्ड कप देखने के बाद, अब वे भारतीय टीम के हिस्से के तौर पर हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं, और उनका लक्ष्य 51 साल के सूखे को खत्म कर एक और वर्ल्ड कप जीतना है। मोहित ने कहा, “मुझे अभी भी याद है कि मैंने बेंगलुरु में जूनियर नेशनल कैंप से पिछला वर्ल्ड कप देखा था। उस समय, मुझे हमेशा विश्वास था कि एक दिन मैं किसी बड़े टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करूंगा, हालांकि मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह मौका इतनी जल्दी मिल जाएगा। अब वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा होना बहुत खास एहसास है। जूनियर वर्ल्ड कप से लेकर अब तक, बतौर गोलकीपर मैंने शारीरिक और तकनीकी रूप से काफी सुधार किया है। मैंने हमेशा कोचों और सीनियर खिलाड़ियों से सीखने की कोशिश की है, चाहे वह खेल की बारीकियों को बेहतर बनाना हो या शूटआउट जैसी स्थितियों के लिए तैयारी करना हो। हमारे पास अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन तालमेल है, और हर कोई टीम में अपनी भूमिका को समझता है।”

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Video Post

Quick Link