एशियन पैरा गेम्स: महिलाओं के जे2 जूडो इवेंट में कोकिला ने जीता सिल्वर मेडल

 नागोया। एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार को भारत की कोकिला ने महिलाओं के जे2 -52 किलोग्राम जूडो इवेंट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। आइची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल में खेले गए खिताबी मुकाबले में, किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक किजी ने कोकिला को मात्र 21 सेकंड में ‘इप्पोन’ से हराया, जिसके चलते कोकिला को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। कोकिला ने सेमीफाइनल में चीन की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन यी लियू के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी, जिसके साथ उनका मेडल भी पक्का हो गया था। हालांकि, फाइनल मुकाबले में भारतीय जूडो खिलाड़ी उस सफलता को दोहरा नहीं सकीं और उलानबेक किजी ने निर्णायक जीत हासिल करते हुए पहला स्थान अपने नाम किया। हार के बावजूद, कोकिला का सिल्वर मेडल भारतीय पैरा-जूडो के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में जीते गए ब्रॉन्ज मेडल से बेहतर प्रदर्शन है। इस बार 52 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेते हुए, उन्होंने सफलतापूर्वक फाइनल तक का सफर तय किया और पोडियम पर अपनी जगह बनाई। सेमीफाइनल में लियू के खिलाफ उनकी जीत उनके पूरे अभियान के सबसे अहम पलों में से एक रही। कड़े मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक ‘वाजा-आरी’ और एक ‘यूको’ हासिल किया। लियू ने भी एक ‘वाजा-आरी’ स्कोर किया, जबकि मुकाबले के दौरान नियमों के मामूली उल्लंघन के लिए कोकिला को एक ‘शिदो’ पेनाल्टी मिली। इस जीत के साथ कोकिला फाइनल में उलानबेक किज़ी के सामने पहुंचीं, लेकिन निर्णायक मुकाबले में किर्गिस्तान की जूडो खिलाड़ी काफी मजबूत साबित हुईं और मात्र 21 सेकंड में ‘इप्पोन’ के साथ मुकाबला खत्म कर दिया। हरियाणा के जींद जिले की रहने वालीं दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ी कोकिला पेरिस 2024 पैरालंपिक्स में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह जे2 क्लासिफिकेशन में प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिसमें अलग-अलग स्तर की दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ी शामिल होती हैं।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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