गुवाहाटी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को बताया कि असम ने गैंडों के शिकार की नौ कोशिशों को नाकाम कर दिया है और इस सिलसिले में 48 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा वन्यजीव सुरक्षा को मजबूत करने और संकटग्रस्त एक सींग वाले गैंडों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि असम के ‘ऑपरेशन फाल्कन’ ने शिकार की नौ कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है, जिसके चलते 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इन प्रयासों का उद्देश्य अपनी बहुमूल्य वन्यजीव विरासत की रक्षा करना और गैंडों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। ‘ऑपरेशन फाल्कन’ को वन्यजीव अपराधों के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम बताते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने लिखा कि गैंडों का शिकार बिल्कुल नहीं। यह एक ऐसा लक्ष्य है जिसकी रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य की व्यापक संरक्षण पहल, ‘प्रोजेक्ट राइनो’ का भी जिक्र किया और कहा कि संरक्षण का अगला चरण पहले ही शुरू हो चुका है। असम दुनियाभर में लुप्तप्राय ‘एक सींग वाले गैंडों’ की आबादी के लिए जाना जाता है और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान इनका सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। राज्य में गैंडों के संरक्षण के प्रयासों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है, खासकर इसलिए क्योंकि इन जानवरों के सींगों के लिए इनका शिकार होने का खतरा बहुत अधिक रहता है। इस क्षेत्र में गैंडों का शिकार एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। संगठित अपराधी गिरोह अक्सर इनके सींगों के लिए इन्हें निशाना बनाते हैं, जिन्हें बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवैध रूप से बेचा जाता है। इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी रखने, गश्त करने और वन विभाग तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना बहुत जरूरी है। ‘ऑपरेशन फाल्कन’ की सफलता यह दिखाती है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पहले से कदम उठाना और सख्त कानून लागू करना कितना महत्वपूर्ण है। इन गिरफ्तारियों से यह भी पता चलता है कि कैसे आपसी तालमेल से चलाए गए अभियान, संदिग्ध शिकार गिरोहों को नुकसान पहुंचाने से पहले ही रोक सकते हैं। ‘प्रोजेक्ट राइनो’ के जरिए असम सरकार वन्यजीव संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करना चाहती है। यह पहल राज्य की समृद्ध जैव विविधता को बचाने और वन्यजीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाए रखने के प्रयासों का हिस्सा है।











