ओडिशा सरकार ने नशामुक्त राज्य बनाने का लिया संकल्प, 100 सप्ताह के अभियान की घोषणा

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने रविवार को राज्य को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नशे की समस्या को खत्म करने के लिए 100 सप्ताह के जन-आंदोलन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा यहां कलिंगा स्टेडियम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान की। यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त भारत और विकसित भारत 2047’ अभियान की शुरुआत के मौके पर आयोजित किया गया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली से शुरू किया था। मुख्यमंत्री माझी के अलावा राज्यपाल डॉ. हरिबाबू कम्भम्पति, खेल और युवा सेवा मंत्री सूर्यबंशी सूरज और सैकड़ों छात्रों ने केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत ‘माई भारत’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम को वर्चुअली देखा, जिसे प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। गवर्नर डॉ. कम्भम्पति ने वहां मौजूद सभी लोगों को ‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत प्रतिज्ञा अभियान’ की शपथ दिलाई। युवाओं को राष्ट्र-निर्माण का मुख्य निर्माता बताते हुए गवर्नर डॉ. हरि बाबू कम्भम्पति ने यहां राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के दौरान नशा-मुक्त समाज बनाने की पुरजोर अपील की। ​​उन्होंने युवाओं को नशे की लत के बेहतरीन विकल्प के तौर पर खेल, फिटनेस, योग, मूल्यों पर आधारित जीवन और समाज सेवा को अपनाने की सलाह दी। यह बताते हुए कि ओडिशा देश के प्रमुख खेल केंद्रों में से एक के रूप में उभरा है, उन्होंने युवाओं को नशे के बजाय खेल के मैदानों और कक्षाओं को चुनने और अपनी असली क्षमता को पहचानने के लिए प्रोत्साहित किया। गवर्नर ने जोर देते हुए कहा, “सिर्फ सरकारी प्रयासों से नशा-मुक्त समाज नहीं बनाया जा सकता। यह तभी एक क्रांतिकारी ‘जन-आंदोलन’ बन सकता है जब माता-पिता, शिक्षक, सामाजिक संगठन और खासकर युवा खुद इस आंदोलन की मशाल थामें।” युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने घोषणा की कि यह अभियान एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर चलने वाला एक सामाजिक आंदोलन है जो अगले 100 सप्ताह, यानी लगभग दो साल तक, बिना रुके जारी रहेगा। गौरतलब है कि पीएम मोदी की वर्चुअल मौजूदगी में, देश भर में 10,000 से ज्यादा जगहों पर एक करोड़ से ज्यादा युवा इकट्ठा हुए और उन्होंने एक स्वस्थ, अनुशासित, मूल्यों पर आधारित और नशा-मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जेन जेड’ और युवा ही 2047 तक ‘विकसित भारत’ के मुख्य निर्माता हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नशे की लत अब सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या नहीं रह गई है; यह लोगों की भलाई को खत्म करता है, परिवार की आर्थिक स्थिति बिगाड़ता है और राज्य की सामाजिक-आर्थिक तरक्की में बड़ी बाधा डालता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार ने राज्य में चल रहे अवैध ड्रग्स के कारोबार और सिंडिकेट को पूरी तरह खत्म करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी अपनाई है। ओडिशा पुलिस की कार्रवाई की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच पुलिस ने 63,720 एकड़ में फैली अवैध गांजे की खेती को नष्ट किया, जिसकी कीमत लगभग 1,911 करोड़ रुपए थी। इसी दौरान 2,576 मामले दर्ज किए गए, 3,699 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 2,106 करोड़ रुपए कीमत का 432 टन गांजा जब्त किया गया। कानून को सख्ती से लागू करने के अलावा, सरकार ड्रग्स की लत से प्रभावित लोगों के लिए इलाज और पुनर्वास केंद्रों को भी मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें अपने इलाके में ड्रग्स से जुड़ी कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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