चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में किए गए 56 वादों को पूरा करने के बारे में सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में अब बस चार महीने ही बचे हैं, ऐसे में पंजाब की जनता को यह जानने का हक है कि उनमें से कितने वादे पूरे किए गए हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या पंजाब सरकार बचे हुए समय में बाकी सभी वादे पूरे कर पाएगी। सनाउर शहर में शहीद सरदार उधम सिंह के 87वें शहादत दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि पंजाब में केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ही युवाओं के विकास के लिए शहीद उधम सिंह के सपनों को पूरा कर सकती है। आप सरकार पर निशाना साधते हुए हरियाणा के सीएम ने कहा कि किसी राज्य का विकास नारों से नहीं, बल्कि इरादे और प्रतिबद्धता से होता है। मुख्यमंत्री सैनी ने एक्साइज इंस्पेक्टरों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों को लेकर पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा और इसे प्रतिभाशाली युवाओं के साथ घोर अन्याय बताया। हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करते हुए विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भी इसी सोच के साथ काम कर रही है और उसने किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए कई पहल की हैं। हरियाणा में भाजपा के चुनावी घोषणापत्र का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि पार्टी ने 217 ‘संकल्प’ (वादे) किए थे, जिनमें से 70 को सिर्फ डेढ़ साल में ही पूरा कर लिया गया है, जबकि बाकी 147 को भी जल्द ही लागू किया जाएगा। पंजाब के लोगों से शहीद सरदार उधम सिंह के आदर्शों का पालन करने का आग्रह करते हुए हरियाणा के सीएम ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी है जो महान राष्ट्रीय हस्तियों का सम्मान करने के साथ-साथ एक विकसित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भारत बनाने की दिशा में काम कर रही है। सनौर को देशभक्ति की पवित्र भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि कुछ जगहें सिर्फ इतिहास का हिस्सा बन जाती हैं, जबकि दूसरी जगहें इतिहास बनाती हैं, और सनौर दूसरी कैटेगरी में आता है। उन्होंने आगे कहा कि इस मिट्टी का हर इंच देश को याद दिलाता है कि भारत को आजादी विरासत में नहीं मिली, बल्कि गुरुओं की तपस्या, बहादुर योद्धाओं की बहादुरी और अनगिनत शहीदों के सर्वोच्च बलिदान से मिली है।











