कीव पर रूसी मिसाइल हमले के बीच पास हुआ अमेरिकी कानून, यूक्रेन ने कहा-आतंक को रोकने का यही तरीका

कीव। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा क‍ि अमेरिका ने रूस के खिलाफ ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ पारित क‍िया है। रूस के आतंक को रोकने का यही सही तरीका है क्‍योंक‍ि रूस के हमले लगातार जारी हैं। गुरुवार को ही रूस ने कीव पर एक और भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया और ओडेसा पर भी नए हमले किए। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर रूस के हमलों की जानकारी साझा की। सिबिहा ने पोस्‍ट में ल‍िखा, ”अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ को पारित कर दिया है। यह मतदान ठीक उसी समय हुआ जब रूस ने कीव पर एक और भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया और ओडेसा पर भी नए हमले किए। उन्‍होंने कहा क‍ि यूक्रेन का मानना है कि रूस की ओर से अपने हमले और आतंक जारी रखने से इनकार करने का यही सही जवाब है। इसके लिए आक्रमण करने वाले देश पर कड़ा दबाव बनाना और उसके युद्ध चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले आर्थिक संसाधनों को सीमित करना जरूरी है। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा क‍ि अमेरिकी कांग्रेस ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि रूस अपनी आक्रामक कार्रवाई बिना किसी परिणाम के जारी नहीं रख सकता। राष्ट्रपति पुतिन जितने लंबे समय तक यह युद्ध जारी रखेंगे, उनके और उनकी सरकार के लिए इसकी कीमत उतनी ही बढ़ती जाएगी। उन्‍होंने कहा क‍ि यूक्रेन ने इस कानून का समर्थन करने वाले प्रतिनिधि सभा के दोनों दलों के नेताओं और सभी सदस्यों के प्रति गहरी सराहना व्यक्त की। साथ ही, बयान में सीनेटर लिंडसे ग्राहम की विरासत को भी सम्मान दिया गया। कहा गया कि उनका नाम अब आजादी की रक्षा और शांति को मजबूत करने के इस महत्वपूर्ण प्रयास से जुड़ गया है। यूक्रेन ने अपने साझेदार देशों से रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील भी की। जैसे रूस पर पूर्ण व्यापारिक प्रतिबंध, रूसी लड़ाकों और सैन्य कर्मियों के प्रवेश पर पूर्ण रोक, रूस के तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ पर पूरी तरह प्रतिबंध और रूस के सैन्य-औद्योगिक ढांचे पर पूर्ण वित्तीय प्रतिबंध। उन्‍होंने कहा कि हम पुतिन को इस युद्ध को जारी रखने के लिए जरूरी संसाधनों से वंचित करके उन्हें रोक सकते हैं। अमेरिकी कांग्रेस ने जो कानून पारित क‍िया है, उसके तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है। अब यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा, जिनके इसके कानून बनने के लिए हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। इस कानून का उद्देश्य यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को जारी रखने के लिए मिलने वाले आर्थिक संसाधनों को कम करना है। इसके तहत रूसी अधिकारियों, बैंकों, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं और रूस के सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाली विदेशी संस्थाओं को निशाना बनाया गया है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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