केंद्र और सीजेपी के बीच तीसरे दौर की वार्ता, सरकार को सौंपी लंबित मांगों की सूची

नई दिल्ली। केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल के बीच शनिवार को नई दिल्ली में तीसरे दौर की वार्ता हुई। इस बैठक में परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के उपायों पर प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर चर्चा हुई। यह बैठक दोपहर 3.30 बजे कांस्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों पर चर्चा की। वहीं, सीजेपी की तरफ से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने सरकार को कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों की अपडेट सूची सौंपी। सीजेपी ने सरकार को जिन चार मांगों की सूची दी, उनमें से एक मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जो अब पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, शेष तीन मांगों पर जोर दिया, जिनमें आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा, किसी भी छात्र प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं और आरएएफ और दिल्ली पुलिस से सार्वजनिक माफी मांगे जाना शामिल है। सौरभ दास ने कहा कि जंतर-मंतर और पूरा देश बाकी मांगों की प्रतीक्षा कर रहा है। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को भी सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में नड्डा ने कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार संबंधी सीजेपी की मांगों को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम आंदोलनकारी लोगों के विषयों पर चर्चा करने के लिए यहां आए थे। बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। सरकार की ओर से मैं और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह आए। हमने उनकी बातें सुनीं। हर विषय पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई।” नड्डा ने कहा, “उनकी 3 मुख्य मांगें और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव थे। हमने उनसे कहा कि हम शनिवार दोपहर फिर मिलेंगे और उन्हें सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में बताएंगे।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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