मदुरै। तमिलनाडु के प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर में गुरुवार को महाकुंभाभिषेकम का भव्य आयोजन धार्मिक उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मदुरै पहुंचे।
25 करोड़ रुपये की लागत से हुआ जीर्णोद्धार
महाकुंभाभिषेकम का आयोजन मंदिर में महीनों तक चले करीब 25 करोड़ रुपये के जीर्णोद्धार कार्य के बाद किया गया। इस दौरान आग की घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए वीरवसंतरायर मंडपम का पुनर्निर्माण कर उसे फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोला गया।
184 अग्निकुंडों वाली यज्ञशाला
अनुष्ठानों के लिए नॉर्थ आदि स्ट्रीट पर 184 पवित्र अग्निकुंडों वाली विशाल यज्ञशाला बनाई गई थी। यहां मीनाक्षी अम्मन और सुंदरेश्वरर सहित प्रमुख देवी-देवताओं के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। कलशों में गंगा, यमुना, कावेरी और वैगई समेत कई पवित्र नदियों का जल भरा गया।
400 से अधिक शिवाचार्यों ने कराए अनुष्ठान
महाकुंभाभिषेकम की धार्मिक प्रक्रियाओं में 400 से अधिक शिवाचार्यों ने हिस्सा लिया। यज्ञशाला पूजा का पहला चरण 11 सितंबर से शुरू हुआ था। इसके बाद लगातार विभिन्न प्रार्थनाओं और अग्नि अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इससे पहले 414 परिवारिक देवताओं की प्रतिष्ठा भी स्थापित की गई थी।
हाथियों के साथ निकली भव्य कलश यात्रा
दसवीं यज्ञशाला पूजा के बाद पवित्र जल से भरे कलशों को हाथियों, मंदिर के मवेशियों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भव्य जुलूस में ले जाया गया। सिद्धि विनायक, कूडल कुमारर, दक्षिणामूर्ति, दुर्गा, महालक्ष्मी, भद्रकाली, अग्नि वीरभद्र, 63 नयनमारों और नवग्रहों सहित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों पर पवित्र जल अर्पित किया गया।
12 गोपुरमों का हुआ कुंभाभिषेक
समारोह के दौरान मंदिर के 12 गोपुरमों, चार राजगोपुरमों, स्वर्ण विमानों, गर्भगृह के शिखरों और अन्य संरचनाओं का भी कुंभाभिषेक किया गया। अंतिम अनुष्ठान गुरुवार सुबह 3:45 बजे बारहवीं काल यज्ञशाला पूजा के साथ शुरू हुआ। सुबह 5:45 बजे पवित्र कलशों को भव्य जुलूस के साथ निकाला गया। शिवाचार्यों ने मंत्रोच्चार के बीच कलशों को मंदिर के 12 गोपुरमों और स्वर्ण विमानों तक पहुंचाया। सुबह करीब 7:40 बजे गोपुरमों का कुंभाभिषेक संपन्न हुआ। इसके बाद मीनाक्षी अम्मन और सुंदरेश्वरर के मुख्य गर्भगृहों में पवित्र जल अर्पित किया गया।
शाम को निकलेगी शोभायात्रा
महाकुंभाभिषेकम के बाद मंदिर में विशेष सजावट और दीपाराधना की गई। सुबह 10 बजे से श्रद्धालुओं को मुख्य देवी-देवताओं के दर्शन और पूजा की अनुमति दी गई। सुबह के समारोह में शामिल नहीं हो पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए शाम 7 बजे मीनाक्षी अम्मन और सुंदरेश्वरर की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो चारों मासी सड़कों से होकर गुजरेगी।
उत्सव के रंग में सजा मदुरै
महाकुंभाभिषेकम को लेकर मदुरै की सड़कों को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया है। पूरे शहर में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने।











