नई दिल्ली। रेलवे के दिल्ली मंडल ने पार्सल परिवहन सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए सीटिंग-कम-लगेज रेक (एसएलआर) पार्सल लीजिंग में वर्ष-दर-वर्ष 6.71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। उत्तर रेलवे के अनुसार, अगस्त 2025 में दिल्ली मंडल में 164 एसएलआर लीज पर संचालित थे, जबकि अगस्त 2026 में यह संख्या बढ़कर 175 हो गई। इस प्रकार एक वर्ष के दौरान एसएलआर की संख्या में 11 की बढ़ोतरी हुई है। रेलवे ने बताया कि एसएलआर लीजिंग में वृद्धि से दिल्ली मंडल की पार्सल परिवहन क्षमता में विस्तार होगा। इससे व्यापारियों, उद्योगों और आम जनता को सामान की तेज, सुरक्षित एवं सुगम ढुलाई की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, समयबद्ध पार्सल सेवाओं को बढ़ावा मिलने के साथ ग्राहकों की बढ़ती मांग को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी। दिल्ली मंडल का यह कदम भारतीय रेल की माल एवं पार्सल परिवहन सेवाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी और ग्राहक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एसएलआर लीजिंग में वृद्धि से रेलवे के पार्सल एवं मालभाड़ा राजस्व में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। दिल्ली मंडल ने कहा है कि भविष्य में भी आधुनिक, विश्वसनीय और ग्राहक-अनुकूल पार्सल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।











