पटना में गंगा का जलस्तर 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार: संजय झा

पटना। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद संजय कुमार झा ने गुरुवार को कहा कि पटना में गंगा नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को पार कर गया। उन्होंने कहा कि इससे पहले पटना में गंगा का उच्चतम जलस्तर वर्ष 2016 में दर्ज किया गया था। इसके बावजूद राजधानी पटना सुरक्षित है और पिछले दस वर्षों में राज्य सरकार की ओर से कराए गए विभिन्न कार्यों का असर आज साफ दिखाई दे रहा है। संजय कुमार झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के साथ गुरुवार को पटना में गंगा के किनारे विभिन्न स्थानों का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने राघोपुर पुल से दीघा घाट तक तथा जेपी सेतु से गंगा के दूसरे छोर तक जाकर बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। स्थल निरीक्षण के बाद अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि नेपाल में हाल के दिनों में जिस तरह की प्राकृतिक आपदा आई है, वह बेहद गंभीर है और ऐसी त्रासदी लंबे अंतराल में देखने को मिलती है। बिहार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि नेपाल में होने वाली भारी बारिश और प्राकृतिक घटनाओं का असर यहां की नदियों पर पड़ता है। नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी बिहार की नदियों में पहुंचता है। इस बार भी गंडक सहित कई नदियों में बड़ी मात्रा में पानी आया है। संजय झा ने कहा कि बाढ़ का पानी किसी सीमा को नहीं मानता कि यह नेपाल है या बिहार। नेपाल की त्रासदी के बाद जिस तरह से पानी बिहार में आया, राज्य सरकार ने उससे निपटने के लिए तत्परता के साथ तैयारी की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के नेतृत्व में प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने राहत एवं बचाव कार्यों का बेहतर प्रबंधन किया है। उन्होंने राज्य सरकार की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि इसी तत्परता के कारण बिहार में अब तक कोई बड़ा अप्रत्याशित संकट नहीं पैदा हुआ है। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से लोगों को परेशानी हुई है और कुछ स्थानों पर कटाव की स्थिति भी बनी है, लेकिन सरकार सभी प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रख रही है और स्थिति नियंत्रण में है। संजय झा ने कहा कि पटना में आज सुबह गंगा का जलस्तर वर्ष 2016 में दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर को भी पार कर गया। इसके बावजूद पिछले दस वर्षों में किए गए बाढ़ प्रबंधन, तट सुरक्षा और अन्य कार्यों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इतने ऊंचे जलस्तर के बावजूद राजधानी पटना में स्थिति नियंत्रण में रहना इस बात का संकेत है कि पिछले वर्षों में किए गए कार्यों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि पुनपुन नदी का पानी एक स्थान पर सड़क ऊपर से बह गया है। पानी घटने के बाद सड़क की मरम्मत करा दी जाएगी। वहीं भागलपुर के कुछ इलाकों में पानी फैलने और कटाव की समस्या सामने आई है। सरकार वहां भी लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार स्वयं पटना और आसपास के इलाकों का जायजा ले रहे हैं तथा प्रशासन से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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