नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पीएमआरबीपी के लिए नामांकन प्रक्रिया 1 अप्रैल से राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से शुरू हुई थी। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पुरस्कार उन बच्चों को दिए जाते हैं जिन्होंने बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला और संस्कृति, तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। कोई भी बच्चा जो भारत का नागरिक है और भारत में रहता है, जिसकी आयु 5 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से कम है (31 जुलाई 2026 तक), वह इन पुरस्कारों के लिए पात्र है। बयान में कहा गया कि नामांकन, जिसमें स्व-नामांकन और किसी भी नागरिक द्वारा सिफारिश शामिल है, केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसी बीच महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने देशभर में 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 मनाने की घोषणा की है। इस साल की थीम है – “जीवन की सतत शुरुआत के लिए स्तनपान: जो कारगर है उसे मजबूत करें।” सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य परिवारों, समुदायों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करने, पहले छह महीने तक केवल स्तनपान कराने और दो साल या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने के साथ-साथ उचित पूरक आहार देने के बारे में जागरूकता फैलाना है। बयान में कहा गया कि स्तनपान, बच्चों के जीवित रहने, स्वस्थ विकास और संज्ञानात्मक विकास के लिए सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। मंत्रालय ने परिवारों से आग्रह किया कि हर नवजात को जन्म के पहले घंटे के भीतर मां का दूध मिले – इसे “गोल्डन आवर” कहा जाता है। पहला दूध, कोलोस्ट्रम, जिसे बच्चे का पहला प्राकृतिक टीका भी कहा जाता है, एंटीबॉडी और जरूरी पोषण से भरपूर होता है। इसे फेंकना नहीं चाहिए। पहले छह महीने तक केवल स्तनपान का मतलब है बच्चे को सिर्फ मां का दूध पिलाना – कोई पानी, शहद, घुट्टी, ग्लूकोज या फॉर्मूला नहीं। इस अवधि में बच्चे की पोषण और पानी की सभी जरूरतें केवल मां का दूध ही पूरा करता है।











