बच्चों में दिखें ये 5 लक्षण तो हो जाएं सावधान, हो सकता है कैंसर का शुरुआती संकेत

नई दिल्ली। बच्चों में कैंसर का नाम सुनते ही माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है। हालांकि, अगर बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए तो कई प्रकार के बचपन के कैंसर का इलाज संभव होता है। समस्या यह है कि बच्चों में कैंसर के कई लक्षण सामान्य संक्रमण या अन्य बीमारियों जैसे दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में लगातार बने रहने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, बचपन के कैंसर की जल्द पहचान और समय पर उपचार से इलाज के परिणाम बेहतर हो सकते हैं। माता-पिता और देखभाल करने वालों के लिए कुछ चेतावनी संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।

1. बिना वजह लगातार बुखार

बार-बार या लंबे समय तक बुखार बने रहना कई कारणों से हो सकता है। कुछ मामलों में यह बचपन के कैंसर का संकेत भी हो सकता है। खासकर जब बुखार का कोई स्पष्ट कारण न हो और वह लगातार बना रहे, तो बच्चे की डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

2. असामान्य गांठ या सूजन

गर्दन, बगल या शरीर के किसी अन्य हिस्से में बिना दर्द की गांठ या सूजन दिखाई दे और वह लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन अगर यह दो सप्ताह से अधिक समय तक रहे या इसके साथ बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षण भी हों तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

3. हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द

बच्चों में चोट लगने या सामान्य शारीरिक गतिविधियों के कारण भी हड्डियों और जोड़ों में दर्द हो सकता है। लेकिन बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार या बढ़ता हुआ दर्द, खासकर रात में होने वाला दर्द, सूजन या चलने-फिरने में परेशानी के साथ हो तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

4. बिना कारण वजन कम होना और अत्यधिक थकान

अगर बच्चा सामान्य रूप से खाना खा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसका वजन लगातार कम हो रहा है या वह असामान्य रूप से थका हुआ और कमजोर नजर आ रहा है, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है। लगातार थकान और कमजोरी कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है।

5. आसानी से चोट लगना या खून बहना

बिना किसी स्पष्ट चोट के शरीर पर बार-बार नीले निशान पड़ना, नाक या मसूड़ों से खून आना अथवा मामूली चोट पर ज्यादा रक्तस्राव होना भी चेतावनी संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण कुछ मामलों में ल्यूकेमिया जैसी रक्त संबंधी बीमारियों में दिखाई दे सकते हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

इनमें से कोई एक लक्षण दिखने का मतलब यह नहीं है कि बच्चे को कैंसर है। बच्चों में बुखार, गांठ, दर्द, थकान या चोट के निशान के कई अन्य सामान्य कारण भी हो सकते हैं। लेकिन यदि कोई लक्षण लगातार बना रहता है, बार-बार होता है या समय के साथ बढ़ रहा है, तो बच्चे को डॉक्टर को दिखाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक जांच और परीक्षण के जरिए सही कारण का पता लगा सकते हैं।

महत्वपूर्ण: बच्चों में कैंसर के लक्षण सामान्य बीमारियों से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे जरूरी है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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