बढ़ती कीमतें चिंता का विषय, बुनियादी ढांचों की मरम्मत बड़ा काम : ईरानी गृह मंत्रालय

तेहरान। अमेरिकी हमले और विभिन्न प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान के लिए मूलभूत सामानों की बढ़ती दरें चिंता का सबब बन गई हैं। बढ़ती महंगाई को सरकार भी “चिंता का विषय” मान रही है। वहीं, तेहरान को उम्मीद है कि जिस तरह ब्रिक्स और शंघाई बैठकों में उसका रुख सकारात्मक रहा, उससे उम्मीद है कि कूटनीतिक के जरिए समस्या को सुलझाया जा सकता है। शनिवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में ये बातें कही गईं। अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अली जेनीवंद ने संकट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “रिहायशी इमारतों, घरों और पुलिस स्टेशन जैसे सार्वजनिक सेवा केंद्रों की मरम्मत को किसी भी गैर-जरूरी सरकारी प्रोजेक्ट से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। इस समय देश की प्राथमिकता नुकसान झेल चुके लोगों के लिए बुनियादी ढांचे को फिर से तैयार करना है।” जेनीवंद ने कहा कि “हमलों के कारण होर्मोजगन और गोलेस्तान समेत कई प्रांतों में लगभग 75,000 घरों के साथ-साथ कुछ बुनियादी ढांचे और शहरों को जोड़ने वाले पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है।” उन्होंने दशकों से लगे पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र किया और इसे ही ईरान में रिकॉर्ड महंगाई का कारण बताया। जेनीवंद ने कहा, “बढ़ती कीमतें लोगों के लिए चिंता का विषय हैं और सभी अधिकारी इस समस्या को हल करने के लिए काम कर रहे हैं।” वहीं, अमेरिका के साथ वार्ता को लेकर प्रवक्ता ने कहा, “मुद्दों को सुलझाने और इस्लामाबाद समझौते पर वापस लौटने की कोशिशें और कूटनीति के जरिए मध्यस्थता की कोशिशें जारी है। ईरान चाहता है कि दूसरा पक्ष इस समझौते के तहत अपने वादों को पूरा करे।” प्रवक्ता ने आगे कहा, “यह एक ऐसा समझौता है जिसे सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने मंजूरी दी तो सर्वोच्च नेता ने इसकी पुष्टि की है, और इसे ही सिस्टम का आधिकारिक फैसला माना जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “भारत और किर्गिस्तान में शंघाई और ब्रिक्स बैठकों में राष्ट्रपति की भागीदारी और गहन बातचीत के जरिए सक्रिय कूटनीति जारी है।”

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Video Post

Quick Link