‘बालकृष्णन ने अपना जीवन विवेकानंद के आदर्शों और राष्ट्र सेवा को समर्पित किया’,पीएम मोदी ने निधन पर जताया दुख

 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवेकानंद शिला स्मारक एवं विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष रहे ए. बालकृष्णन के निधन पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने बालकृष्णन के समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन के पांच दशक से अधिक स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और राष्ट्र सेवा को समर्पित किए। पीएम मोदी ने कहा, “पूर्वोत्तर से उनका विशेष जुड़ाव था। उन्होंने शैक्षिक, सामाजिक और राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ए. बालकृष्णन के साथ मुलाकात की पुरानी फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष के रूप में सेवा करने वाले ए. बालकृष्णन जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। बालकृष्णन ने अपने जीवन के पांच दशकों से अधिक स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और समाज सेवा में समर्पित किए। विवेकानंद केंद्र के प्रारंभिक जीवनव्रतियों में से एक के रूप में उन्होंने पूरे देश में अथक परिश्रम किया। पूर्वोत्तर से उनका विशेष जुड़ाव था। उन्होंने आगे लिखा, “उन्होंने शैक्षिक, सामाजिक और राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विवेकानंद केंद्र के संपूर्ण परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।” पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ए. बालकृष्णन के निधन पर दुख जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”विवेकानंद शिला स्मारक और विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष ए. बालकृष्णन के निधन से गहरा दुख हुआ है। उनकी नि:स्वार्थ सेवा, और खासकर अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उनके अहम योगदान को अरुणाचल प्रदेश के लोग और पूरा देश हमेशा याद रखेगा। वे एक सच्चे कर्मयोगी थे, जिनका जीवन सेवा की भावना का प्रतीक था। उनके परिजनों और करीबियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा, ”स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन का ध्येय बनाकर राष्ट्रसेवा में समर्पित विवेकानंद केंद्र के अखिल भारतीय अध्यक्ष रहे ए. बालकृष्णन के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवनधर्म मानकर उन्होंने पांच दशकों से अधिक समय तक राष्ट्रकार्य, समाज जागरण, शिक्षा और संगठन निर्माण में स्वयं को समर्पित रखा। विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत में उनका योगदान राष्ट्रसेवा की एक प्रेरक परंपरा के रूप में सदैव स्मरण किया जाएगा। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं विवेकानंद केंद्र परिवार, कार्यकर्ताओं और उनके असंख्य शुभचिंतकों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति दें।” असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने भी ए. बालकृष्णन के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा, ”विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष ए. बालकृष्णन के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। एक सच्चे कर्मयोगी और जीवनव्रती कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित कर दिया। उन्होंने कन्याकुमारी के समुद्र तट से लेकर असम में ब्रह्मपुत्र के तट तक, देशभर में विवेकानंद केंद्रों को नई ऊर्जा से संचालित किया। असम सहित पूर्वोत्तर भारत में शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा। एक सच्चे राष्ट्रभक्त को भावभीनी श्रद्धांजलि।”

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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