बिहार के मखाना को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार, एपीडा की मदद से ग्रीस के लिए 1 मीट्रिक टन खेप रवाना

नई दिल्ली। एपीडा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) की सहायता से बिहार के पूर्णिया से 1 मीट्रिक टन (एमटी) पॉप्ड मखाना की खेप ग्रीस के लिए रवाना की गई है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि यह कदम बिहार के मखाना उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने और उनके लिए बेहतर आय के अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह खेप इंडो ग्लोबल एक्सपोर्ट, बेलौरी (पूर्णिया) द्वारा स्रोतित की गई है और इसका निर्यात एस. एस. फूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। यह खेप मुंद्रा बंदरगाह से ग्रीस के पिराएस पोर्ट तक भेजी जाएगी। सरकार ने बताया कि इस निर्यात से मखाना उत्पादकों को घरेलू बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ है। इससे यह संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार बिहार के मखाना उत्पादकों के लिए अतिरिक्त आय और मूल्यवर्धन के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकते हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक देश है और देश के कुल उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी लगभग 80-85 प्रतिशत है। राज्य के 10 जिलों में 35,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मखाना की खेती की जाती है, जिससे यह क्षेत्र हजारों किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने 7,000 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और मूल्यवर्धित मखाना उत्पादों का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत लगभग 2.2 करोड़ डॉलर (22 मिलियन डॉलर) रही। यह निर्यात 20 से अधिक देशों तक पहुंचा। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि निर्यात नीति पर काम कर रही है। इसके अलावा मखाना निर्यात मूल्य शृंखला को मजबूत करने के लिए राज्य में पैकहाउस भी विकसित किए गए हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि पूर्णिया से ग्रीस को भेजी गई यह खेप बिहार के मखाना उत्पादकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। एपीईडीए लगातार भारतीय मखाना के लिए नए बाजार तलाशने, निर्यातकों को सहयोग देने और यूरोप सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के साथ बाजार संपर्क स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि मखाना निर्यात का विस्तार किसानों को वैश्विक मांग से जोड़ने, नए बाजार विकसित करने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगा। इससे बिहार के मखाना उद्योग को नई गति मिलने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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