नई दिल्ली। भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बातचीत का दूसरा दौर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह चार दिवसीय वार्ता 20 से 23 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित की गई थी। सफल वार्ता पर खुशी जताते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने शनिवार को कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगा। अजार ने एक्स अकाउंट पर कहा, “पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।” अजार ने वित्तीय विभाग के बयान को री शेयर करते हुए अपनी खुशी व्यक्त की। इस बयान के मुताबिक, बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने प्रस्तावित समझौते के विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की और संतुलित, व्यापक तथा दोनों देशों के लिए लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई। नवंबर 2025 में टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) पर किए गए हस्ताक्षर दोनों देशों के बीच जारी वार्ता के लिए एक संरचित ढांचा उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार, आर्थिक सहयोग और समग्र आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और इजरायल के बीच कुल वस्तु व्यापार करीब 3.93 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में आर्थिक संभावनाएं मौजूद हैं और प्रस्तावित एफटीए से व्यापार, निवेश और आर्थिक एकीकरण को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वार्ता के इस दौर में दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञों ने वस्तुओं के व्यापार, सेवाओं के व्यापार, मूल नियम, स्वच्छता एवं पादप स्वास्थ्य उपायों, व्यापार में तकनीकी बाधाओं, बौद्धिक संपदा अधिकारों, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, व्यापार सुविधा, आर्थिक सहयोग और समझौते के अन्य अध्यायों पर चर्चा की। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत को रचनात्मक और भविष्य की दिशा तय करने वाली बताया गया। विशेषज्ञों ने तकनीकी मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया और मतभेदों को कम करने तथा सहमति वाले क्षेत्रों की पहचान करने की दिशा में काम किया। वार्ता के उद्घाटन सत्र में भारत के एफटीए के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने कहा कि भारत एक ऐसे समझौते के लिए प्रतिबद्ध है जो संतुलित, व्यापक और दोनों देशों के लिए लाभकारी हो तथा द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करे। इजरायल की मुख्य वार्ताकार यिफात एलोन पेरेल, जो व्यापार नीति एवं समझौतों की वरिष्ठ निदेशक तथा विदेश व्यापार प्रशासन में उप व्यापार आयुक्त हैं, ने पहले दौर की वार्ता के बाद हुई प्रगति की सराहना की और महत्वाकांक्षी एवं पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते की दिशा में गति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों देशों ने संतुलित और व्यापक मुक्त व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।











