मन को शांत और एकाग्र करना है? रोज करें त्राटक, दूर होगी अनिद्रा और तनाव की समस्या

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां मानव मस्तिष्क हर पल सैकड़ों विचारों से घिरा रहता है, वहां मानसिक शांति और एकाग्रता पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में, ‘त्राटक’ एक ऐसी सूक्ष्म साधना है, जो भटकते हुए मन को रोककर उसे एक बिंदु पर केंद्रित करने में मदद करती है। यह हठयोग की एक प्राचीन और शक्तिशाली साधना है, जिसमें किसी एक निश्चित बिंदु, वस्तु, दीपक की लौ, मूर्ति या प्रतीक पर बिना पलक झपकाए लगातार टकटकी लगाकर देखा जाता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, त्राटक क्रिया एक महत्वपूर्ण योगिक अभ्यास है, जो मानसिक स्पष्टता और नेत्र स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। त्राटक के नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी में सुधार होता है, नींद अच्छी आती है और मन शांत होने लगता है। त्राटक एक प्राचीन शुद्धिकरण क्रिया है, जिसे करने के लिए व्यक्ति को बिना पलक झपकाए किसी एक बिंदु, दीपक की लौ या वस्तु को एकाग्रता से बैठकर देखना होता है। यह केवल आंखों का व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन को एकाग्र करने, मानसिक ऊर्जा को जागृत करने और आंतरिक शांति प्राप्त करने का एक अद्भुत मार्ग है। त्राटक अनिद्रा, तनाव और अनावश्यक विचारों की भीड़ को कम करने में बहुत प्रभावी है। दरअसल, रात में सोते समय हमारे दिमाग में दिनभर की बातें लौटती हैं, जिस वजह से नींद की गुणवत्ता कम होती है। त्राटक करते समय दीये की लौ को एकटक देखने पर दिमाग धीरे-धीरे शांत होने लगता है। आंखों की नसों का सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है। लौ को लगातार देखने से मेलाटोनिन हार्मोन सक्रिय होता है, जो गहरी नींद लाने में मदद करता है। रोज 10 मिनट त्राटक करने वाले लोगों को नींद की गोली की जरूरत कम पड़ने लगती है। चश्मा लगाकर या रात के समय सूर्य त्राटक जैसी तीव्र क्रियाएं बिना किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन के न करें। आंखों में ज्यादा जलन या गंभीर समस्या होने पर अभ्यास तुरंत रोक दें।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Video Post

Quick Link