मुख्यमंत्री ने फूल बरसाकर कांवड़ियों का दिल्ली में किया स्वागत

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली-यूपी स्थित अप्सरा बॉर्डर पर कांवड़ियों पर फूल बरसाकर उनका दिल्ली में स्वागत किया। उन्होंने शनिवार को दिलशाद गार्डन के पास अप्सरा बॉर्डर पर कांवड़ सेवा शिविर का दौरा करके व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस मौके पर उनके साथ दिल्ली के कला और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक संजय गोयल, जितेंद्र महाजन सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त एवं कांवड़ सेवा में समर्पित कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में शिव भक्तों के लिए कांवड़ शिविर लगाए गए हैं और इसमें हजारों कांवड़िए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कांवड़ लाने वाले सभी शिव भक्तों का स्वागत और अभिनंदन कर रही है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों का निरीक्षण किया और वहां श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने सेवा कार्य में समर्पित शिविर संचालकों एवं कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया और उनके सेवा भाव की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रत्येक शिवभक्त की कांवड़ यात्रा को सरल, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी कांवड़ शिविरों में सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। हमने हर पंडाल में सुविधाएं देने, आर्थिक मदद पहुंचाने और साफ-सफ़ाई व यातायात का प्रबंधन करने जैसी सभी चीजों का ध्यान रखा है। दिल्ली प्रशासन ने इन सभी बातों का इंतजाम किया है। कपिल मिश्रा ने कहा कि कांवड़ यात्रा दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान है और इस वर्ष दिल्ली सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए सहायता राशि को लगभग दोगुना कर दिया है। मुख्यमंत्री आज स्वयं कांवड़ियों के स्वागत और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने दिल्ली-यूपी बॉर्डर पहुंची हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार की ओर से कांवड़ शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविााएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें शिविरों में नियमित सफाई, पर्याप्त पेयजल एवं मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया है। इसके लिए 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, सुचारु यातायात व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था सुनिश्चित की गई हैं। सरकार की ओर से कांवड़ समितियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही, जिसके तहत 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिन तक संचालित होने वाले बड़े कांवड़ शिविरों को अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सहायता दी गई है। अन्य श्रेणियों के शिविरों की अनुदान राशि में भी वृद्धि की गई है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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