‘मेरा पहला अनुभव काफी अच्छा और यादगार रहा’, लद्दाख मैराथन को जीतने के बाद बोले निखिल सिंह

 लेह। लद्दाख मैराथन में भारत और विदेशों के 8 हजार से ज्यादा धावकों से हिस्सा लिया। मुंबई में प्रैक्टिस करने वाले निखिल सिंह 42 किलोमीटर की मैराथन को जीतने में सफल रहे। उन्होंने इस मैराथन को 2 घंटे 44 मिनट और 40 सेकंड में पूरा किया। लद्दाख मैराथन को जीतने के बाद निखिल ने आईएएनएस के साथ बात बातचीत करते हुए कहा, “मैं पहली बार लद्दाख आया हूं और मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा है। हम सड़क मार्ग से आए, इसलिए रास्ते के नजारे वाकई बहुत खूबसूरत थे। हम लगभग 9-10 दिन पहले यहां पहुंचे थे, इसलिए शुरुआती 4-5 दिनों में हमें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि हम समुद्र तल से अचानक लगभग 3,200 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच गए थे। हमने यहां थोड़ा अभ्यास किया और शुरुआती 5-6 दिनों तक कुछ परेशानी झेलने के बाद हम यहां सेट हो गए।” उन्होंने आगे कहा, “आज मैराथन में मेरा ओवरऑल अनुभव काफी अच्छा था। रूट सपोर्ट काफी बेहतर था। भागते हुए भी जो नजारे देखने को मिल रहे थे, उसको मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं। जो रास्ता था वो काफी मुश्किल था। रास्ता खासतौर पर शुरुआत और आखिरी में थोड़ा ज्यादा मुश्किल था। करीब छह किलोमीटर शुरुआत में ढलान था, लेकिन उसके बाद ज्यादा कुछ नहीं था। हालांकि, ऊंचाई जो थी वो काफी दिक्कत देने वाली थी। ऊंचाई का तो हमें पहले से ही पता था, लेकिन माइंडसेट यह था कि उस पर चलना नहीं है। अभी तो जॉगिंग करके ही पूरा किया है। रास्ते और ऊंचाई को देखते हुए मेरा समय काफी अच्छा रहा।” निखिल ने कहा, “मेरा पहला अनुभव काफी अच्छा रहा है और यह हमेशा यादगार रहेगा। मैंने फुल मैराथन में लिया और इसको मैंने करीब 2 घंटे और 44 मिनट में पूरा किया। हालांकि, जो मेरा निजी बेस्ट प्रदर्शन है वो 2 घंटे 22 मिनट का है। मैं भारत की मेजर रेसों में भी हिस्सा ले चुका है। यह ऊंचाई वाली जगह पर मेरा दूसरा मैराथन था। इससे पहले मैंने स्पीति घाटी में मैराथन में हिस्सा लिया था।”

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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