राष्ट्रपति ली ने की तुर्कमेनिस्तान की सराहना

सोल। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने मंगलवार को तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति सरदार बर्दिमुहामेदोव का आभार व्‍यक्‍त क‍िया। उन्होंने ईरान से दक्षिण कोरियाई नागरिकों को सुरक्षित निकालने में तुर्कमेनिस्तान की मदद की सराहना की। यह निकासी इस साल अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद की गई थी। ली जे-म्युंग ने यह धन्यवाद सोल स्थित चेओंग वा डे (राष्ट्रपति भवन) में हुई एक शिखर बैठक के दौरान दिया। यह बैठक बुधवार को होने वाले पहले दक्षिण कोरिया-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन के अवसर पर आयोजित की गई थी। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ली ने कहा, “मैं आपका दिल से धन्यवाद करता हूं कि आपने पिछले साल और इस साल मध्य पूर्व में पैदा हुई आपात स्थितियों के दौरान ईरान में रह रहे हमारे नागरिकों और उनके परिवारों को तुर्कमेनिस्तान के रास्ते सुरक्षित निकलने की अनुमति दी।” रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल की ओर से तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद मार्च में ईरान में रह रहे 30 से अधिक दक्षिण कोरियाई नागरिकों को जमीनी रास्ते से तुर्कमेनिस्तान पहुंचाकर सुरक्षित निकाला गया था। ली ने कहा, “मुश्किल समय में आपने जो मदद का हाथ बढ़ाया, उसने दोनों देशों के बीच गहरे भरोसे और दोस्ती को साफ तौर पर दिखाया।” राष्ट्रपति ली ने कहा कि 2008 में दोनों देशों के बीच पारस्परिक लाभ वाली साझेदारी शुरू होने के बाद से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की मजबूत नींव तैयार हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और ठोस नतीजे देखने को मिलेंगे। उन्होंने तुर्कमेनिस्तान के विशाल प्राकृतिक संसाधनों और कैस्पियन सागर तथा मध्य एशिया से जुड़े उसके महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थान का भी उल्लेख किया। जवाब में राष्ट्रपति बर्दिमुहामेदोव ने कहा कि तुर्कमेनिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दक्षिण कोरिया की ओर से उसकी विभिन्न पहलों को दिए जा रहे समर्थन को बहुत महत्व देता है। उन्होंने कहा कि तुर्कमेनिस्तान प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दक्षिण कोरिया के रुख का समर्थन करता है। इसमें राष्ट्रपति ली की उत्तर कोरिया संबंधी पहल ईएनडी (एक्सचेंज, नॉर्मलाइजेशन और डीन्यूक्लियराइजेशन) भी शामिल है। बर्दिमुहामेदोव ने कहा, “हम हमेशा इस बात का समर्थन करते रहे हैं कि कोरियाई प्रायद्वीप से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण बातचीत और कूटनीतिक तरीकों से होना चाहिए, और हम आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।” बैठक के बाद दोनों देशों ने 13 द्विपक्षीय समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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