गांधीनगर। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर में आयोजित चौथी राष्ट्रीय आर्मरेसलिंग एवं पैरा-आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप में केरल ने लगातार दूसरी बार सर्वाधिक पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। चार दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में देशभर के विभिन्न राज्यों से 1800 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। यह भारत में आयोजित अब तक की सबसे बड़ी आर्मरेसलिंग प्रतियोगिताओं में से एक रही। प्रतियोगिता का आयोजन आर्मरेसलिंग स्पोर्ट्स एसोसिएशन गुजरात के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह परमार और कोषाध्यक्ष मयंक पटेल के नेतृत्व में पीपुल्स आर्मरेसलिंग फेडरेशन इंडिया (पीएएफआई) के तत्वावधान में किया। प्रतियोगिता के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक रहे युवराज वर्मा, जिन्हें सीनियर पुरुष वर्ग में ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ का खिताब मिला। युवराज ने पहले 110 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीता और फिर अलग-अलग भार वर्गों के विजेताओं को हराकर यह प्रतिष्ठित सम्मान अपने नाम किया। उन्होंने 90 किलोग्राम वर्ग के विजेता डेनिक लालरुआत्तलुआंगा, 85 किलोग्राम वर्ग के विजेता वेथोजो लोहे और फाइनल में 100 किलोग्राम वर्ग के विजेता आभास राणा को हराया। युवराज ने दाएं और बाएं दोनों हाथों के 110 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतकर शानदार दोहरा प्रदर्शन किया। महिला वर्ग में मधुरा हसन ने फाइनल में मिजोरम की के. लालहरियातपुई को हराकर महिला ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ का खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में कई बड़े उलटफेर भी देखने को मिले। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब 18 वर्षीय आभास राणा ने 100 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में लंबे समय से अपराजित चल रहे मजाहिर सईदू को हराकर नया इतिहास रच दिया।











