नई दिल्ली। श्रीजा अकुला की गिनती भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ियों में की जाती है। शुरुआती संघर्ष के बाद श्रीजा ने इस खेल में अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर पहचान बनाई। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में शरथ कमल के साथ मिलकर मिश्रित युगल स्पर्था में गोल्ड मेडल जीता। इसके साथ ही वह डब्ल्यूटीटी कंटेंडर स्तर पर एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। श्रीजा का जन्म 31 जुलाई, 1998 को हैदराबाद में हुआ। श्रीजा के पिता एक निजी बीमा कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। श्रीजा की बड़ी बहन रावली कॉलेज स्तर पर टेबल टेनिस खेलती थीं और उन्होंने ही श्रीजा को इस खेल से परिचित कराया। बड़ी बहन के साथ मिलकर उन्होंने टेबल टेनिस की बारीकियों को सीखा। इसके बाद उन्होंने सोमनाथ घोष की अकादमी में दाखिला लिया और टेबल टेनिस में करियर बनाने का फैसला किया। हालांकि, श्रीजा पढ़ाई में भी काफी अच्छी थीं। उन्होंने 12वीं कक्षा में 98.7 प्रतिशत अंक हासिल किए। साल 2019 में श्रीजा ने साउथ एशियाई खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महिला युगल और टीम स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीते। वहीं, अप्रैल 2022 में सीनियर नेशनल और अंतर-राज्यीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भी अपना जलवा बिखेरते हुए एकल और युगल दोनों खिताब अपने नाम किए। हालांकि, श्रीजा के करियर के लिहाज से साल 2022 सबसे महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसी साल कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने दिग्गज खिलाड़ी शरथ कमल के साथ मिलकर मिश्रित युगल स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस प्रदर्शन ने श्रीजा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। जनवरी 2024 में श्रीजा ने टेक्सास में खेली गई डब्ल्यूटीटी (विश्व टेबल टेनिस) फीडर कॉर्पस क्रिस्टी प्रतियोगिता में अपना पहला डब्ल्यूटीटी एकल जीता। वहीं, जून 2024 में नाइजीरिया के लागोस शहर में आयोजित हुए डब्ल्यूटीसी कंटेंडर टूर्नामेंट में श्रीजा ने चीन की डिंग यिजिये को 4-1 से हराते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। वह कंटेंडर स्तर का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं। इसी टूर्नामेंट में वह अर्चना कामथ संग मिलकर महिला डबल्स का टाइटल भी जीतने में सफल रहीं। टेबल टेनिस के खेल में अहम योगदान के लिए सरकार ने साल 2022 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।











