नई दिल्ली। गर्मियों की शुरूआत के साथ ही खाने के साथ सलाद का सेवन भी बढ़ जाता है। सलाद में फाइबर, मिनरल्स और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं, जिसका सेवन शरीर को सेहतमंद बनाता है। हालांकि सलाद को गलत तरीके से खाया जाए तो इसमें मौजूद पोषक तत्व कम हो जाते हैं। यही कारण है कि आयुर्वेद में आहार के सेवन का समय और तरीका बताया गया है। आमतौर पर लोग सलाद में अत्यधिक नमक, चाट मसाला या नींबू मिलाकर खाना पसंद करते हैं, लेकिन यह तरीका सलाद के पोषक तत्वों को कम कर देता है, जिससे इसमें केवल फाइबर ही शेष बचता है। यदि आप भी इसी तरह सलाद का सेवन करते हैं, तो आपका शरीर इसके वास्तविक पोषण से वंचित रह जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, सलाद का सेवन उसके सरल और प्राकृतिक रूप में ही करना चाहिए। सलाद को छोटे टुकड़ों में काटकर मिला लें और स्वाद के लिए इसमें हरी मिर्च या काली मिर्च का उपयोग करें। सलाद में हरा धनिया और कच्चा नारियल अवश्य शामिल करें; यह इसके पोषक गुणों को और बढ़ा देता है। कुछ लोगों को कच्ची सलाद की वजह से पाचन में परेशानी होती है। ऐसे में सलाद को भांप की सहायता से हल्का उबाल सकते हैं। सलाद को पानी में न उबाले, बल्कि स्टीमर की सहायता से पका लें। ऐसा करने से सलाद के पोषक तत्व बरकरार रहेंगे और पाचन में भी आसानी होगी। सलाद में नींबू, नमक, मैगी मसाला और चाट मसाला जैसी चीजों को डालने से बचें। इससे शरीर में न चाहते हुए भी सोडियम की मात्रा बढ़ती है क्योंकि पहले से ही हम खाने में नमक और मिर्च ले रहे हैं और ऐसे में अलग से मसाला डालना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके साथ ही सलाद को खाने के साथ लेने से बचें। भारतीय थाली में सलाद को खाने के साथ लिया जाता है, लेकिन कोशिश करें कि खाना खाने से 1 घंटा पहले सलाद खा लें, जिससे शरीर को पूरा पोषण मिले और भूख भी बढ़ जाए। सलाद के सेवन से वजन को नियंत्रित कर सकते हैं; इससे पाचन सही रहता है, आंखों की रोशनी बढ़ती है, और हृदय स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।








