सीसीपीए ने डार्क पैटर्न्स के खिलाफ कार्रवाई की

 नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने इंडिगो, जेप्टो, फिजिक्स वाला, बुकमाईशो, फर्स्टक्राई और स्पाइसजेट समेत नौ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुर्माना लगाया है। इन प्लेटफॉर्म पर ‘डार्क पैटर्न’ जैसे भ्रामक ऑनलाइन तरीके इस्तेमाल करने का आरोप है, जिनसे खरीदारी और सब्सक्रिप्शन के दौरान ग्राहकों को गुमराह किया जाता है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में इस कार्रवाई की जानकारी दी। सरकार ने बताया कि रेगुलेटर ने ग्राहकों को ऐसे ऑनलाइन इंटरफेस से बचाने के लिए सख्ती बढ़ा दी है, जो खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करने के लिए बनाए जाते हैं। मंत्रालय के अनुसार, सीसीपीए ने उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है जो ‘डार्क पैटर्न’ के अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करती पाई गईं। इनमें ड्रिप प्राइसिंग, बास्केट स्नीकिंग, कन्फर्म शेमिंग, सब्सक्रिप्शन ट्रैप और गुमराह करने वाले प्रॉम्प्ट शामिल हैं। इन तरीकों का मकसद यूजर्स को ऐसे फैसले लेने के लिए प्रेरित करना है जो वे शायद खुद नहीं लेते। रेगुलेटर ने अब तक गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाली कंपनियों से लगभग 20 लाख रुपए का जुर्माना वसूला है। जून 2025 में, सीसीपीए ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया था कि वे अपनी डिजिटल सेवाओं का सेल्फ-ऑडिट करें और ‘डार्क पैटर्न’ की पहचान करके उन्हें हटाएं। जुर्माना भरने वाली कंपनियों में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो मार्केटप्लेस पर 7 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। रेगुलेटर ने पाया कि यूजर्स द्वारा शुरुआती कीमत देखने के बाद, चेकआउट प्रोसेस के दौरान अतिरिक्त हैंडलिंग चार्ज और मेंबरशिप फीस जोड़ी जा रही थी। सीसीपीए ने इस तरीके को ‘ड्रिप प्राइसिंग’ और ‘बास्केट स्नीकिंग’ की श्रेणी में रखा। रेगुलेटर के दखल के बाद, जेप्टो ने इन तरीकों को बंद कर दिया। एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्स वाला पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। सीसीपीए ने पाया कि यूजर्स को भावनात्मक रूप से प्रभावित करने वाले संदेश दिखाए जा रहे थे, जो उन्हें डोनेशन का विकल्प बनाए रखने के लिए प्रेरित करते थे। रेगुलेटर ने कंपनी की इस शर्त पर भी आपत्ति जताई कि मुफ्त कोर्स का एक्सेस पाने से पहले यूजर्स को अपनी निजी जानकारी देनी होगी। इसके बाद फिजिक्स वाला ने जुर्माना भर दिया और संबंधित तरीकों को हटा दिया। सीसीपीए ने दिग्गज एयरलाइन इंडिगो पर भी कार्रवाई की है, जो अपने मोबाइल ऐप पर ‘कन्फर्म शेमिंग’ का एक तरीका अपना रही थी। रेगुलेटर द्वारा “नहीं, मैं रिस्क लूंगा” जैसे ऑप्ट-आउट संदेश पर आपत्ति जताने के बाद एयरलाइन ने अपना यूजर इंटरफेस बदल दिया। इस संदेश को बदलकर अधिक न्यूट्रल बात लिखी गई, “नहीं, मैं ट्रिप में कुछ नहीं जोड़ूंगा”। बुकमायशो को अपने बुकएस्माइल इनिशिएटिव के लिए पहले से चुने हुए 1 रुपए के डोनेशन को बंद करने का निर्देश दिया गया, क्योंकि रेगुलेटर ने इसे ‘बास्केट स्नीकिंग’ माना था। जुर्माना भरने वाली अन्य कंपनियों में फर्स्टक्राई (2 लाख रुपए), कोचिंग प्लेटफॉर्म अनुज जिंदल (3 लाख रुपए), और फार्मइजी, मैकफी व स्पाइसजेट (प्रत्येक पर 1 लाख रुपए) शामिल हैं।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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