स्कूल में बार-बार फेल होती थीं गीतू मोहनदास, पिता की सलाह ने बदल दी जिंदगी

मुंबई। अभिनेता यश की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म की रिलीज से पहले चेन्नई में एक खास कार्यक्रम रखा गया, जहां फिल्म की निर्देशक गीतू मोहनदास ने अपने जीवन से जुड़ी एक ऐसी बात साझा की, जिसने उन्हें मुश्किल समय में आगे बढ़ने की हिम्मत दी। गीतू ने बताया कि वह बचपन में पढ़ाई में अच्छी नहीं थी और कई बार फेल भी हुईं थी। ऐसे समय में उनके पिता ने उनसे एक सवाल पूछा था, जिसका असर उनकी पूरी जिंदगी पर पड़ा। ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में गीतू ने अपने सफर को याद करते हुए कहा, ”मेरा सिनेमा से रिश्ता बहुत छोटी उम्र में ही शुरू हो गया था। मैं करीब साढ़े चार साल की उम्र में फिल्मों की दुनिया से जुड़ गई थीं। मैंने जिंदगी में बहुत लंबा रास्ता तय किया है।” गीतू ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा, ”मैं पढ़ाई में बहुत अच्छी नहीं थीं और स्कूल में लगातार फेल होती रहती थीं। वहीं स्कूल में होने वाली कई गतिविधियों में भी मुझे चुना नहीं जाता था। चाहे बास्केटबॉल हो या कोई दूसरी चीज, मैं अक्सर पीछे ही रहती थी। एक समय ऐसा भी था, जब मैं खुद को फेलियर मानने लगी थी।” उन्होंने कहा, ”इस दौरान मेरे पिता ने मुझसे एक ऐसा सवाल पूछा, जो आज तक मेरी जिंदगी की सोच का हिस्सा बन हुआ है। मेरे पिता ने मुझसे कहा था कि अगर पढ़ाई में परेशानी हो रही है तो बताओ कि आखिर आप जिंदगी में क्या करना चाहती हैं। आप बड़ी होकर क्या बनना चाहती हैं।” गीतू ने कहा, ”उस समय मैंने अपने पिता से कहा था कि मैं बेकर बनना चाहती हूं। मेरा जवाब सुनने के बाद मेरे पिता शांत हो गए और बस इतना कहा कि अगर आप बेकर बनना चाहती हो तो यह कोशिश करो कि अपने शहर की सबसे अच्छी बेकर बनो। पिता की यही बात मेरे मन में हमेशा के लिए बैठ गई।” गीतू ने कहा, ”उस सलाह का असर मेरी पूरी जिंदगी पर पड़ा। इसके बाद मैंने यह सोच बना ली कि मुझे जो भी करना है, उसमें अपना बेस्ट देना है। मैं अपने लक्ष्य की तरफ ऐसे बढ़ती रहीं, जैसे आंखों की साइड पर पट्टी बांधकर चलने वाला घोड़ा अपने सामने के रास्ते पर ही ध्यान देता है। मै लोगों की बातों और आलोचनाओं से खुद को भटकने नहीं देती।” गीतू ने कहा, ”मुझे इस बात की चिंता नहीं होती कि लोग मेरे के बारे में क्या सोचते हैं। मेरा ध्यान सिर्फ इस बात पर था कि मुझे अपनी मंजिल तक पहुंचना है। पिता की छोटी सी सलाह ने मुझे यह समझने में मदद की कि किसी काम में सफल होने से पहले खुद पर भरोसा करना जरूरी है।” इसी कार्यक्रम में गीतू ने अभिनेता यश का भी खास तौर पर शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, ”मेरे पूरे सफर में यश उन लोगों में से रहे, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया, खासकर उस समय जब शायद दूसरे लोग ऐसा नहीं कर रहे थे। बचपन से लेकर आज जहां मैं खड़ी हूं, उस पूरे सफर में यश का विश्वास मेरे लिए बहुत मायने रखता है।’

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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